गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजार में खीरे की मांग तेजी से बढ़ जाती है. सलाद और ठंडक देने वाली इस सब्जी की मांग मार्च से जून तक सबसे ज्यादा रहती है. ऐसे में अगर किसान मार्च में खीरे की बुवाई करते हैं, तो उन्हें कम लागत में अच्छी पैदावार और बढ़िया मुनाफा मिल सकता है. निमाड़ क्षेत्र के किसान अब खीरे की खेती को नकदी फसल के रूप में अपना रहे हैं, क्योंकि इसकी फसल जल्दी तैयार होती है और बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं.
खीरे की खेती के लिए सही समय
खंडवा के कृषि सलाहकार नवनीत रेवापाटी बताते हैं कि खीरे की खेती के लिए 20 से 40 डिग्री तापमान सबसे उपयुक्त होता है. जनवरी के आखिर से मार्च तक बुवाई करने पर अप्रैल-मई में फसल तैयार हो जाती है, जब बाजार में इसकी मांग और कीमत दोनों ज्यादा रहती हैं.
बुवाई का सही तरीका
एक एकड़ खेत के लिए लगभग 1 किलो बीज पर्याप्त होता है. पौधे से पौधे की दूरी 60 सेंटीमीटर और क्यारियों के बीच 50 सेंटीमीटर दूरी रखें. एक स्थान पर दो बीज डालने से अंकुरण अच्छा होता है और उत्पादन बढ़ता है.
एक एकड़ में 6 टन गोबर खाद
खीरे की अच्छी पैदावार के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. प्रति एकड़ 6 टन सड़ी हुई गोबर की खाद डालें. 20 किलो नाइट्रोजन, 12 किलो फॉस्फोरस और 10 किलो पोटाश देना फायदेमंद होता है. नाइट्रोजन को तीन हिस्सों में देने से पौधे मजबूत बनते हैं और उत्पादन बढ़ता है.
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कौन-सी किस्म देगी ज्यादा उत्पादन?
1. HW-216 किस्म: 40-45 दिन में तुड़ाई शुरू, एक पौधे से 3-4 किलो उत्पादन
2. पूसा संयोग और पूसा उदय: प्रति हेक्टेयर 200-250 क्विंटल तक उत्पादन ये किस्में कम समय में ज्यादा पैदावार और बेहतर गुणवत्ता देती हैं.
फूल आते समय इस बात का ध्यान जरूरी
खीरा बेल वाली फसल है, इसलिए इसे बांस या तार का सहारा देना जरूरी है. इससे फल जमीन से ऊपर रहते हैं और खराब नहीं होते. फूल आने के समय कीटों से बचाव के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह से दवा का उपयोग करना चाहिए.
बाजार में अच्छा भाव
गर्मी के मौसम में खीरे का भाव 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक रहता है. शादी-विवाह के सीजन में इसकी मांग और भी बढ़ जाती है. सही समय पर खेती करने से किसान एक एकड़ में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. अगर किसान मार्च में खीरे की खेती शुरू करते हैं, तो गर्मियों में यह फसल उन्हें कम समय में बंपर कमाई दे सकता है और आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प बन सकता है.
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