टेंगनाबासा में छत्तीसगढ़ कलार समाज परिक्षेत्र छुरा का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न, सामाजिक अनुशासन पर लिए गए अहम निर्णय

टेंगनाबासा में छत्तीसगढ़ कलार समाज परिक्षेत्र छुरा का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न, सामाजिक अनुशासन पर लिए गए अहम निर्णय

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद /छुरा : टेंगनाबासा में रविवार को छत्तीसगढ़ कलार समाज परिक्षेत्र छुरा का वार्षिक अधिवेशन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के इष्टदेव भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुनदेव जी की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। तत्पश्चात उपस्थित पदाधिकारियों एवं सामाजिक बंधुओं का पुष्पहार से स्वागत किया गया।अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष अवधराम सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में समाज की एकजुटता, अनुशासन और सामाजिक मर्यादाओं के पालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज की उन्नति सामूहिक सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने युवाओं को समाज की रीति-नीति के संरक्षण एवं विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मेधावी छात्र-छात्राओं व ग्राम प्रमुखों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान छुरा परिक्षेत्र के ग्राम प्रमुखों का सम्मान किया गया। साथ ही 10वीं एवं 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने मेधावियों का तालियों से उत्साहवर्धन किया।

आय-व्यय का विवरण एवं भविष्य की कार्ययोजना
अधिवेशन में समाज के पदाधिकारियों द्वारा वर्षभर के आय-व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। आगामी सामाजिक गतिविधियों, संगठन विस्तार एवं विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।जिला स्तरीय नियमों की पुनः पुष्टि बैठक में पूर्व में निर्धारित जिला स्तरीय नियमों को सर्वसम्मति से पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं
1. सगाई एवं विवाह संबंधी नियम:

सगाई में वरमाला पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
सगाई उपरांत एवं विवाह पूर्व वर-वधु द्वारा किसी प्रकार का छायाचित्र (प्री-वेडिंग शूट) नहीं कराया जाएगा।
सगाई एवं विवाह समारोह में केक काटने पर प्रतिबंध रहेगा।
सगाई एवं विवाह की सूचना ग्राम प्रमुखों को अनिवार्य रूप से देना होगा।

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2. छठी कार्यक्रम संबंधी नियम:
सामान्य प्रसव की स्थिति में शिशु जन्म के 6 दिवस के भीतर छठी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) से प्रसव की स्थिति में 2 माह के भीतर छठी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
समाज के वरिष्ठजनों ने इन नियमों के पालन को सामाजिक एकता एवं परंपराओं की रक्षा के लिए आवश्यक बताया।
पदाधिकारियों के चुनाव पर असमंजस
अधिवेशन में अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। कई सामाजिक बंधुओं ने सर्वसम्मति से चयन का सुझाव रखा, वहीं अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष शिवलाल सिन्हा एवं मानसिंह सिन्हा ने दावेदारी प्रस्तुत की।शिवलाल सिन्हा ने समाज से पुनः अवसर देने की अपील की, जबकि मानसिंह सिन्हा ने समाज को नई दिशा देने हेतु समर्थन मांगा। फिलहाल चुनाव प्रक्रिया अथवा सर्वसम्मति से चयन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे समाज में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

उल्लेखनीय उपस्थिति
अधिवेशन में जिलाध्यक्ष अवधराम सिन्हा, संरक्षक दिनुराम सिन्हा, डायमंड सिन्हा, खोमन सिन्हा, शिवलाल सिन्हा, हरिराम सिन्हा, गोसाईं राम सिन्हा, हेमन्त सिन्हा, मानसिंह सिन्हा, कुलेश्वर सिन्हा, गुलशन सिन्हा, उत्तम सिन्हा, नारायण सिन्हा, मोहेन्द्र सिन्हा, मिथलेश सिन्हा, रमेश सिन्हा सहित मातृशक्ति से नरबदिया बाई सिन्हा, कुन्ती सिन्हा, टिकेश्वरी सिन्हा, परनिया सिन्हा एवं बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित रहे।अधिवेशन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा समाज की एकता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।








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