किरंदुल : बैलाडीला नगर की आस्था के केंद्र श्री राघव मंदिर परिसर में इस वर्ष होली पर्व शास्त्रसम्मत निर्णय और धार्मिक परंपरा के अनुरूप मनाया जाएगा। पर्व को लेकर आयोजित विशेष बैठक में फाल्गुन पूर्णिमा पर लग रहे चंद्रग्रहण, नौ घंटे की सूतक अवधि तथा भद्रा काल को ध्यान में रखते हुए विस्तृत चर्चा की गई। विद्वान आचार्यों एवं सनातन समाज के प्रतिनिधियों से परामर्श के बाद सर्वसम्मति से आयोजन की तिथि और समय तय किया गया।
समिति ने निर्णय लिया कि होलिका दहन की परंपरा का निर्वहन प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप किया जाएगा। आयोजन की रूपरेखा वाराणसी की परंपरा तथा दंतेवाड़ा स्थित शक्तिपीठ माँ दंतेश्वरी मंदिर की परिपाटी के आधार पर निर्धारित की गई है।निर्णय अनुसार होलिका दहन सोमवार, 2 मार्च 2026 की रात्रि 12 बजे से मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ किया जाएगा। श्रद्धालु निर्धारित मुहूर्त में उपस्थित रहकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे।
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वहीं 4 मार्च बुधवार को प्रातः 11 बजे से होली मिलन समारोह का आयोजन होगा। इस अवसर पर फाग गीत, धुलेंडी, मटका फोड़, रस्सा खींच सहित पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रंगोत्सव के माध्यम से सामाजिक समरसता, भाईचारा और एकता का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन श्री राम जनकल्याण सेवा समिति, श्री राघव मंदिर एवं गायत्री परिवार, बैलाडीला देवस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगा। समिति ने नगर के समस्त धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर पर्व को सफल बनाने की अपील की है।
नगर में होली को लेकर उत्साह चरम पर है और मंदिर परिसर में तैयारियाँ तेज़ी से जारी हैं। इस वर्ष का आयोजन धार्मिक गरिमा, वैदिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
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