संगवारी महिला मंच सम्मेलन में गूँजी महिला सशक्तिकरण की आवाज, 300 महिलाओं ने भरी हुंकार

संगवारी महिला मंच सम्मेलन में गूँजी महिला सशक्तिकरण की आवाज, 300 महिलाओं ने भरी हुंकार

गरियाबंद :- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के गरिमामय अवसर पर स्थानीय सांस्कृतिक भवन,सिविल लाईन गरियाबंद में 'संगवारी महिला मंच' और 'लोक आस्था सेवा संस्थान' के तत्वावधान में, पीएचएफ (PHF) के सहयोग से एक भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छुरा और गरियाबंद ब्लॉक की लगभग 300 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। माननीय न्यायाधीश यशवंत वासनीकर जी का स्वागत अनेशी बाई ने, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी.आर. साहू जी का स्वागत खोमेश्वरी ने और माननीय न्यायाधीश खुशबू जैन का स्वागत धीरजा बाई द्वारा किया गया।

महिलाओं के बढ़ते कदम: मताधिकार से राष्ट्रपति पद तक
सम्मेलन को संबोधित करते हुए माननीय न्यायाधीश खुशबू जैन ने महिलाओं को बधाई देते हुए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा:1909 में महिलाओं को पहली बार वोट देने का अधिकार मिला, जिससे वे सत्ता चुनने में भागीदार बनीं। आज महिलाएं प्रशासनिक सेवाओं से लेकर देश के सर्वोच्च पदों जैसे राज्यपाल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक आसीन हैं, जो उनके बढ़ते वर्चस्व का प्रमाण है।

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कानूनी अधिकारों और घरेलू हिंसा पर चर्चा
जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी.आर. साहू ने संगवारी महिला मंच की मुखियाओं से उनके कार्यों की जानकारी ली और महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ समझाया। उन्होंने घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए बने कानूनों और समाज में महिलाओं के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।वहीं, फास्ट्रैक पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वासनीकर ने 1908 से शुरू हुए महिला दिवस के ऐतिहासिक सफर की जानकारी दी। उन्होंने पितृसत्तात्मक चुनौतियों का जिक्र करते हुए महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। महिला बाल संरक्षण: अधिकारी लता पटेल ने महिलाओं के संरक्षण के लिए बने विभिन्न कानूनों की जानकारी दी।सखी वन स्टॉप सेंटर: केंद्र से आई किरण ने 'सखी योजना' के बारे में विस्तार से बताया कि कैसे संकट की स्थिति में महिलाएं मदद ले सकती हैं।

सम्मान और प्रोत्साहन
संस्था के अध्यक्ष हेम नारायण मानिकपुरी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया और समाज में समानता के लिए महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया। संस्थान की सचिव लता नेताम ने संगवारी महिला मंच के कार्यों की सराहना करते हुए सभी मुखिया दीदियों को शाल भेंट कर सम्मानित किया और उन्हें अपने हक के लिए आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम का संचालन अहिल्या ऋतु ने किया। इस दौरान महिलाओं,देवकीबाई, सावित्री, अनेशी, गणेशी, रेनू आदि ने भी अपने विचार साझा किए। पूरे आयोजन में गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के कार्यकर्ता निसार, अरुण, पोषण, उर्वशी, हेमराज एवं समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।









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