दंतेवाड़ा : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के अंतर्गत जिला दंतेवाड़ा विकासखंड के ग्राम बालपेट निवासी बीमबती नाग को प्रदेश मुख्यमंत्री के साथ आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम एवं रात्रि भोज में शामिल होने का विशेष आमंत्रण प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम में पूरे छत्तीसगढ़ से चुनिंदा स्व-सहायता समूह की सफल दीदियों को ही आमंत्रित किया गया था।ऐसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम में बीमबती नाग दीदी की सहभागिता जिला दंतेवाड़ा के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।जिला प्रशासन दंतेवाड़ा एवं बिहान योजना के मार्गदर्शन में बीमबती नाग दीदी आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं।वे केवल दंतेवाड़ा जिले में ही नहीं,बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में “फिनायल वाली दीदी” के नाम से जानी जाती हैं।
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जिला मिशन प्रबंधन इकाई के सहयोग से उन्होंने फिनायल निर्माण और विक्रय का कार्य प्रारंभ किया और अपनी मेहनत तथा लगन से इसे सफल व्यवसाय में बदल दिया।बीमबती दीदी द्वारा निर्मित फिनायल का विक्रय जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में किया गया है। अब तक वे लगभग 10 लाख रुपये मूल्य की फिनायल का विक्रय कर चुकी हैं, जिससे उन्हें 4 लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि स्व-सहायता समूह से जुड़ी अन्य महिलाओं को भी रोजगार और प्रेरणा मिली है।
फिनायल निर्माण के साथ-साथ बीमबती दीदी सिलाई कार्य, कैडर के रूप में प्रशिक्षण गतिविधियों में सहभागिता तथा वाहन संचालन जैसे कार्यों में भी सक्रिय हैं।उनकी मेहनत और सफलता यह दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। बीमबती नाग दीदी की यह उपलब्धि जिले की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता हैं।



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