अब कृषि का तरीका बदल रहा है. लोग पुरानी खेती को छोड़कर नई खेती की तरफ ध्यान दे रहे हैं. लेकिन लोग सबसे अधिक फल और सब्जी की खेती की तरफ ध्यान दिया जा रहा है. ऐसे में पपीते की खेती बड़ी तेजी से बढ़ रही है. लेकिन जो किसानों के बीच समस्या आती है वो है कभी पपीता का रंग नहीं पकड़ना कभी मिठास नहीं होना. ऐसे में इसके मेंटेनेंस के बारे में जानेंगे. ये छोटी-छोटी चीजें हैं जिनका ध्यान हर किसी को रखना चाहिए ताकि अच्छे फल निकलें.
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पानी का सही मेंटेनेंस जरूरी
पपीते की खेती जितनी आसान लगती है, उतनी ही कठिन भी है. इसका कारण है कि पपीते की खेती में हर चीज का सही मैनेजमेंट बहुत जरूरी होता है. अगर सही समय पर मैनेजमेंट नहीं हुआ तो परेशानी बढ़ सकती है. कृषि पर रिसर्च करने वाले गुंजेश गुंजन बताते हैं कि पपीता की खेती में सबसे जरूरी है पानी का सही मेंटेनेंस.
ड्रिप सिंचाई सबसे बेहतर
अगर पानी ज्यादा हो जाए तो पपीता भी पानी जैसा लगने लगता है और कम पानी होने पर भी समस्या होती है. पत्ते पीले पड़ने लगते हैं. ऐसे में अगर ड्रिप सिंचाई का उपयोग करें तो पपीता अच्छी तरह से बढ़ेगा. उन्होंने बताया कि अक्सर लोग रेड लेडी की खेती करते हैं, लेकिन अगर किसान देसी पपीते की खेती करें तो बिना किसी समस्या के अच्छी उपज होगी. सबसे बड़ी बात यह है कि इसे कच्चा ही सब्जी के लिए भी बेचा जा सकता है.
ये कच्चा भी उतना ही मुनाफा देता है
पपीता कई रोगों का रामबाण इलाज भी है. इसको सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना गया है. ऐसे में यह दो तरीके से मुनाफा देता है. एक तो कच्चा भी बेच सकते हैं दूसरा पका हुआ भी बेच सकते हैं. दोनों में काफी मुनाफा है अगर इसकी खेती सही तरीके से की जाए तब. इसलिए पपीता का मेंटेनेंस जरूरी होता है.



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