नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से दुनियाभर में सबसे ज्यादा प्रभाव ऊर्जा बाजारों पर पड़ा है। मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से तेल की बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में अमेरिका ने कई देशों को रूस से तेल खरीदने की छूट दी है।ट्रंप प्रशासन ने अन्य देशों को रूस से तेल खरीदने के लिए अस्थायी अनुमति देने की घोषणा की है। इससे पहले अमेरिका ने भारत को भी रूस से तेल खरीदने की छूट देने के बारे में कहा था।
अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने की दी छूट
US के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए निर्णायक कदम उठा रहे हैं और कीमतों को कम रखने के लिए काम कर रहे हैं।बेसेंट ने कहा, 'मौजूदा आपूर्ति की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए, अन्य देशों को रूस से तेल खरीदने की छूट देने के लिए एक अस्थायी प्राधिकरण प्रदान कर रहा है। यह तेल फिलहाल समुद्र में फंसा हुआ है।'बेसेंट ने आगे कहा, 'यह विशेष रूप से तैयार किया गया अल्पकालिक उपाय केवल उस तेल पर लागू होता है जो पहले से ही जहाज पर है और समुद्र में फंसा हुआ है।ट्रंप के मंत्री ने आगे कहा, 'इससे रूसी सरकार को कोई खास वित्तीय लाभ नहीं होगा, क्योंकि उसे अपनी ऊर्जा राजस्व का अधिकांश हिस्सा तेल निकालने की जगह पर लगाए गए करों से मिलता है।'
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तेल बेचने से अमेरिका का फायदा
बेसेंट ने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा, ' अमेरिकी राष्ट्रपति की ऊर्जा-समर्थक नीतियों ने अमेरिका के तेल और गैस उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है, जिससे मेहनती अमेरिकियों के लिए ईंधन की कीमतें कम हुई हैं।'बेसेंट ने आगे बताया, 'तेल की कीमतों में यह अस्थायी वृद्धि एक अल्पकालिक और क्षणिक बाधा है, जिसका हमारे राष्ट्र और अर्थव्यवस्था को लंबे समय में भारी लाभ मिलेगा।'



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