डॉक्टर ने बताई ड्रिंक्स की असली रैंकिंग,ब्लैक कॉफी से लेकर नारियल पानी तक..

डॉक्टर ने बताई ड्रिंक्स की असली रैंकिंग,ब्लैक कॉफी से लेकर नारियल पानी तक..

आजकल लोग हेल्थ को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं. डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल के साथ-साथ यह भी मायने रखता है कि हम रोज क्या पीते हैं. कई ड्रिंक्स ऐसी होती हैं जिन्हें लोग हेल्दी समझकर पीते हैं, लेकिन असल में वे शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन बढ़ा सकती हैं.हाल ही में एक ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एथन केलम ने कुछ पॉपुलर ड्रिंक्स को उनके हेल्थ इफेक्ट के आधार पर रेट किया और बताया कि कौन-सी ड्रिंक शरीर के लिए बेहतर है और कौन-सी नुकसान कर सकती है.इंफ्लेमेशन शरीर की एक नेचुरल प्रक्रिया है, जो चोट या इंफेक्शन के समय शरीर को ठीक करने में मदद करती है. लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे तो यह कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि रोज पी जाने वाली ड्रिंक्स शरीर पर किस तरह असर डालती हैं.

ग्रीन टी को मिला सबसे ज्यादा स्कोर
डॉक्टर के अनुसार अगर इंफ्लेमेशन कम करने की बात करें तो ग्रीन टी सबसे बेहतर ड्रिंक मानी गई. इसे 10 में से 10 अंक दिए गए. ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, खासकर कैटेचिन नाम का कंपाउंड, जो शरीर में सूजन कम करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें कैलोरी और शुगर भी बहुत कम होती है, इसलिए इसे रोज पीना सेफ माना जाता है.

बोन ब्रॉथ भी माना गया हेल्दी
डॉक्टर ने बोन ब्रॉथ को भी काफी अच्छा बताया और इसे 10 में से 9 अंक दिए. इसमें कोलेजन और अमीनो एसिड होते हैं जो जोड़ों की मरम्मत और गट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं. यह शरीर की आंतों की परत को मजबूत करने में मदद कर सकता है और न्यूट्रिएंट्स के अवशोषण को बेहतर बनाता है.

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ब्लैक कॉफी क्यों नीचे रही
ब्लैक कॉफी को 10 में से केवल 3 अंक दिए गए. हालांकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं और कई लोग इसे हेल्दी मानते हैं, लेकिन डॉक्टर के अनुसार अगर व्यक्ति पहले से तनाव में है तो ब्लैक कॉफी शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ा सकती है. इससे शरीर में स्ट्रेस और इंफ्लेमेशन की संभावना बढ़ सकती है.

स्टोर से खरीदा नारियल पानी भी उतना हेल्दी नहीं
कई लोग पैक्ड नारियल पानी को हेल्दी समझकर पीते हैं, लेकिन डॉक्टर ने इसे सिर्फ 5 में से 10 के आसपास अंक दिए. उनका कहना है कि इसमें नेचुरल शुगर काफी मात्रा में होती है और इलेक्ट्रोलाइट्स अपेक्षाकृत कम होते हैं, इसलिए यह हमेशा उतना फायदेमंद नहीं होता जितना लोग मानते हैं.

ग्रीन जूस और विटामिन वाटर से सावधान
आजकल डिटॉक्स के नाम पर ग्रीन जूस काफी ट्रेंड में है. लेकिन डॉक्टर के अनुसार कई स्टोर-बॉट ग्रीन जूस में फाइबर नहीं होता और उनमें फ्रक्टोज यानी नेचुरल शुगर ज्यादा होती है, जो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकती है. इसी तरह विटामिन वाटर भी हेल्दी दिखता जरूर है, लेकिन इसमें भी कई बार सोडा जितनी शुगर हो सकती है.









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