पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पोंटिंग ने कहा कि भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर बनाए रखने का फैसला टीम के सफल आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप 2026 अभियान का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय था.पोंटिंग के अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोचिंग स्टाफ ने सैमसन पर जो भरोसा दिखाया, वही बड़े मैचों में जीत का कारण बना. सैमसन के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था. न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच टी20 मुकाबलों में वह सिर्फ 46 रन ही बना पाए थे. ऐसे में उन्हें शुरुआती मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया. ग्रुप स्टेज में नामीबिया के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका भी तब मिला, जब अभिषेक शर्मा पेट में संक्रमण के कारण उपलब्ध नहीं थे. इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले के लिए सैमसन को फिर टीम में शामिल किया गया. जिम्बाब्वे के खिलाफ सैमसन ने 15 गेंदों में 24 रन बनाए.
कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ लगभग नॉकआउट जैसे मैच में सैमसन ने 97 रन की नाबाद तेज पारी खेली. इसके बाद मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 89 रन बनाए. फिर अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी उन्होंने 46 गेंदों में 89 रनों की यादगार पारी खेली. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने पांच पारियों में कुल 321 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा टी20 विश्व कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा हैं. इसी प्रदर्शन के कारण उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया.
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
पोंटिंग ने 'द आईसीसी रिव्यू' शो में कहा कि सैमसन को टॉप ऑर्डर में रखना एक बड़ा और साहसिक फैसला था, लेकिन यह सही साबित हुआ. उन्होंने कहा कि जब कप्तान और कोच खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हैं, तो उसका बहुत सकारात्मक असर होता है. सिर्फ एक छोटा सा हौसला बढ़ाने वाला शब्द या भरोसा भी खिलाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ा सकता है. पोंटिंग के अनुसार, जब खिलाड़ी में प्रतिभा हो और उसे टीम का समर्थन मिले, तो बड़े नतीजे मिलते हैं.
रिकी पोंटिंग ने कहा,"भारत का उसे टॉप पर बनाए रखना का फैसला, एक बहुत बड़ा फ़ैसला था. लेकिन आख़िर में यह बहुत कामयाब रहा. अगर आपको कोचिंग स्टाफ़ और कप्तान का साथ मिल जाए, तो आपको बस इतना ही चाहिए." "बस पीठ थपथपाना या कंधे पर हाथ रखकर कहना, 'हम तुम्हारे साथ हैं, हमें तुम पर भरोसा है.' जब आपमें संजू जैसी काबिलियत हो, और आपके पीछे कप्तान और कोच का भरोसा हो, तभी बड़ी चीज़ें हो सकती हैं."
पोंटिंग ने इस दौरान सूर्यकुमार की कप्तानी की भी तारीफ़ की और बताया कि उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान अपने खिलाड़ियों को कैसे संभाला. "यह देखना सच में बहुत दिलचस्प होता कि पिछले कुछ हफ़्तों में सूर्या ने अभिषेक (शर्मा) और संजू (सैमसन) के साथ कैसा बर्ताव किया. यहीं से सच्ची लीडरशिप की असली कहानियां सामने आती हैं."
यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल क्रिकेट टीम के ख़िलाफ़ 84 रन की नाबाद पारी के अलावा, भले ही सूर्यकुमार ने खुद ज़्यादा रन नहीं बनाए, फिर भी उन्होंने भारत को ख़िताब तक पहुंचाया. पोंटिंग ने आखिर में कहा,"यह मैदान के बाहर वे क्या करते हैं, उससे कहीं ज़्यादा अहम है-वे चीज़ें जो लोग नहीं देखते और वे अपने खिलाड़ियों के साथ कैसा बर्ताव करते हैं. एक खिलाड़ी के तौर पर उनका अपना समय बहुत अच्छा नहीं रहा, लेकिन फिर भी, आख़िर में वे वर्ल्ड कप की ट्रॉफ़ी थामे खड़े हैं."



Comments