कबीरधाम पुलिस को बड़ी सफलता,  सत्यमदास मानिकपुरी हत्याकांड का खुलासा, विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक अभिरक्षा में

कबीरधाम पुलिस को बड़ी सफलता, सत्यमदास मानिकपुरी हत्याकांड का खुलासा, विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक अभिरक्षा में


कवर्धा 16 मार्च 2026  : दिनांक 17 जनवरी 2026 को थाना कवर्धा क्षेत्र अंतर्गत लालपुर नर्सरी के पीछे सड़क पर एक युवक का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही कबीरधाम पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि युवक के गले में चाकू से वार कर उसकी हत्या की गई है।जांच के दौरान मृतक की पहचान सत्यमदास मानिकपुरी पिता नामदास मानिकपुरी उम्र 27 वर्ष निवासी वार्ड नं. 26 घोठिया रोड कवर्धा के रूप में हुई। मृतक पेशे से डांस शिक्षक था तथा पांडातराई क्षेत्र के एक निजी स्कूल में बच्चों को डांस सिखाता था। घटना के संबंध में थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 30/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री बालाजी राव (आईपीएस) के द्वारा में लगातार निगरानी रखी जा रही थी एवं दिशा निर्देश दिए जा रहे थे इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस नेतृत्व पुष्पेन्द्र बघेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक, उप पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण कुमार चन्द्राकर एवं उप पुलिस अधीक्षक आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में अलग अलग विशेष टीमें गठित की गई। उक्त टीमों द्वारा लगभग 56 दिनों तक लगातार इस प्रकरण की सूक्ष्म एवं गहन विवेचना की गई।

विवेचना के दौरान कबीरधाम पुलिस द्वारा हर संभावित एंगल से जांच की गई। लगभग 50 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों के कॉल डाटा का तकनीकी विश्लेषण किया गया तथा 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को विभिन्न स्थानों से एकत्र कर बारीकी से परीक्षण किया गया। घटनास्थल के आसपास के मार्गों, संभावित आवागमन के रास्तों तथा संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सभी फुटेज का लगातार विश्लेषण किया गया।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

इसके अतिरिक्त मृतक के साथ कार्य करने वाले उसके मित्रों, परिचितों तथा आसपास के मोहल्लों में रहने वाले 100 से अधिक व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की गई। साथ ही क्षेत्र के बदमाश प्रवृत्ति के व्यक्तियों, पूर्व अपराधियों तथा नशा करने वाले लगभग 40 से 50 संदिग्ध व्यक्तियों को भी थाने लाकर पूछताछ की गई। कबीरधाम पुलिस द्वारा प्रत्येक संभावित एंगल को गंभीरता से जांचते हुए तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ा गया।

विवेचना के दौरान कबीरधाम पुलिस द्वारा तकनीकी अनुसंधान के अंतर्गत एथिकल हैकिंग तकनीकों की सहायता लेकर मृतक के इंस्टाग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी परीक्षण किया गया तथा मृतक के मित्रों द्वारा किए गए मैसेज एवं डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया गया, जिससे विवेचना को महत्वपूर्ण दिशा प्राप्त हुई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कबीरधाम द्वारा मामले में महत्वपूर्ण सुराग अथवा आरोपी के संबंध में जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए ₹10,000 के नगद इनाम की घोषणा भी की गई थी।

लगातार की गई तकनीकी जांच एवं विश्लेषण के दौरान महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए, जिसके आधार पर संदेह एक विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक पर गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक एवं विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक के बीच लगभग 3 माह पूर्व से जान-पहचान थी तथा दोनों के बीच अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बने हुए थे। बाद में इसी संबंध को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया तथा मृतक द्वारा विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक को बार बार और संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा था।

प्राप्त सुरागों के आधार पर विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि घटना वाले दिन उसने मृतक को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से अपने पास बुलाया। इसके बाद दोनों एक स्कूटी वाहन से घटनास्थल की ओर गए। वह अपने घर से पहले ही चाकू लेकर निकला हुआ था। घटनास्थल पर पहुंचते ही उसने मृतक के गले में चाकू से वार कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

घटना को अंजाम देने के बाद विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक ने मृतक का मोबाइल फोन एवं सिम नदी में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया था। उसे घटनास्थल पर ले जाकर घटना का सीन रिक्रिएट कराया गया तथा उसके बताए अनुसार स्थानों पर तलाशी ली गई। निशानदेही के दौरान नदी में फेंका गया मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है, जबकि सिम कार्ड की तलाश की जा रही है।

कबीरधाम पुलिस द्वारा विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक के कब्जे से घटना में उपयोग की गई स्कूटी जप्त की गई है। इसके अतिरिक्त घटना के समय पहने हुए खून से सने कपड़ों को उसने अपने पैतृक गांव में छिपा दिया था, जिन्हें उसके बताए अनुसार बरामद किया गया। घटना में प्रयुक्त चाकू पहले से ही पुलिस ने जप्त कर लिया है।

जांच के दौरान नाबालिक बालक के मोबाइल फोन का परीक्षण किया गया, जिसमें उसके द्वारा विभिन्न विषयों से संबंधित इंटरनेट सर्च किए जाने के तथ्य सामने आए। मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में अपराध करने के बाद कैसे छुपा जाए, मोबाइल ट्रैकिंग से कैसे बचें, मनोविज्ञान से जुड़े विषय, सोशल मीडिया के प्रभाव, डर का पैटर्न, दिमाग और भविष्य से जुड़े विषय, साइकॉलोजिकल थ्रिलर, साउंड प्रूफ कमरे से संबंधित जानकारी, मानसिक थकान, सेल्फ हार्म के कारण, लड़कियों से बातचीत के तरीके आदि विषयों से संबंधित सर्च पाए गए। उक्त मोबाइल का गवाहों के समक्ष परीक्षण कर आवश्यक स्क्रीनशॉट लेकर विधिवत पंचनामा तैयार किया गया।

उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों, परिस्थितिजन्य प्रमाणों एवं पूछताछ के आधार पर विधि से संघर्षरत नाबालिक बालक को विधिवत अभिरक्षा में लेकर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

उक्त मामले के निराकरण में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, उप निरीक्षक रघुवंश पाटिल, उप निरीक्षक विनोद खाण्डे, सहायक उप निरीक्षक राजकुमार चंद्रवंशी, सहायक उप निरीक्षक कौशल साहू, सहायक उप निरीक्षक बंदे सिंह मरावी, सहायक उप निरीक्षक चन्द्रकांत तिवारी, सहायक उप निरीक्षक संजीव तिवारी, सहायक उप निरीक्षक आशीष सिंह, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, प्रधान आरक्षक अभिनव तिवारी, प्रधान आरक्षक वैभव कल्चुरी, आरक्षक आकाश राजपूत, आरक्षक उपेन्द्र सिंह ठाकुर, आरक्षक मनीष कुमार, आरक्षक शिवम् मण्डावी, आरक्षक अजय यादव, आरक्षक रोशन विश्वकर्मा, आरक्षक शैलेन्द्र निषाद, आरक्षक नेम सिंह ठाकुर, आरक्षक नारायण पटेल, आरक्षक गज्जू ठाकुर, आरक्षक अमित ठाकुर, आरक्षक लेखा चन्द्रवंशी, आरक्षक संदीप शुक्ला, आरक्षक विकास श्रीवास्तव, आरक्षक रवि आडिले, आरक्षक वारिस खान, आरक्षक गोपाल सिंह ठाकुर, आरक्षक पुरन दास डाहिरे, आरक्षक विजय शर्मा, आरक्षक शिवाकांत शर्मा, आरक्षक ईश्वर चंद्रवंशी, आरक्षक विजय चंद्रवंशी, आरक्षक हुकुम माथुर, आरक्षक राजेन्द्र चंद्रवंशी, आरक्षक धर्मेन्द्र मरावी, आरक्षक अजय वैष्णव, आरक्षक हीरेन साहू, आरक्षक संतोष बंदेकर, एवं नगर सैनिक अनिल पांडे का विशेष योगदान रहा।









You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments