गौतम गंभीर की कोचिंग के पहले ही साल विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट से संन्यास ले लिया था. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन के बाद कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सीनियर खिलाड़ियों और हेड कोच के बीच कुछ बातों को लेकर मनमुटाव हैं.
गौतम गंभीर ने अपने ताजा बयान में इस ओर इशारा किया कि शायद वह विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ अपने रिश्तों को उस तरह नहीं संभाल पाए, जैसे वह चाहते थे. जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह भी इंसान हैं, उन्हें भी गलतियां करनी की छूट मिलनी चाहिए.
रेवस्पोर्ट्ज कॉन्क्लेव (Revsportz Conclave) में गौतम गंभीर से पूछा गया कि, 'आपने ट्वीट किया था कि कुछ लोग प्लेयर्स को आपके खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. जाहिर है ये विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर था. आप एक ड्रेसिंग रूम शेयर करते हैं, एक साथ टीम इंडिया के लिए मैच जीतते हैं. जब ये कहा जाता है कि आप किसी सीनियर प्लेयर जैसे विराट या रोहित के खिलाफ हैं. इससे दबाव तो बनता होगा. आप इन सबसे कैसे निपटते हैं? इन टिप्पणियों का सामना कैसे करते हैं?'
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
गौतम गंभीर ने कहा, "मैं भी इंसान हूं और मुझे भी गलतियां करने की छूट मिलनी चाहिए. खिलाडियों को भी और मुझे भी गलतियां करने की छूट है. मुझसे भी पिछले 18 महीनों में कई गलतियां हुई होंगी. मैंने कभी इन्हें नकारा नहीं, लेकिन मैं मानता हूं कि अगर इरादा सही है तो गलत फैसला स्वीकार्य है लेकिन गलत इरादे से लिया गया फैसला नहीं. सभी को गलती करने की छूट मिलनी चाहिए."
गौतम गंभीर ने साफ किया कि उनके लिए उनके लिए ईमानदारी सबसे अधिक मायने रखती है. उन्होंने कहा कि जब तक वह ड्रेसिंग रूम में हर प्लेयर के साथ ईमानदारी से पेश आ रहे हैं, तब तक उन्हें लगता है कि वह अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं.
गौतम गंभीर ने कहा, "जब तक मैं अपना काम ईमानदारी से कर रहा हूं, मालिश करने वाले से लेकर असिस्टेंट कोच तक के साथ ड्रेसिंग रूम में ईमानदारी से पेश आ रहा हूं, तब तक मुझे लगता है कि मैं अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभा रहा हूं."



Comments