कालिका नगर में जमीन पर कब्जे की कोशिश, टेंट लगाकर किसानों को धमकाया

कालिका नगर में जमीन पर कब्जे की कोशिश, टेंट लगाकर किसानों को धमकाया

बिलासपुर :    तिफरा स्थित नगर निगम के कालिका नगर वार्ड क्रमांक 7 में जमीन को लेकर तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। एक दर्जन से ज्यादा किसान और जमीन मालिक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और शहर के एक नामचीन पूर्व लिकर व्यवसायी पर जमीन हड़पने के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया। जनदर्शन में पहुंचे लोगों ने साफ कहा—यह सिर्फ विवाद नहीं, बल्कि संगठित तरीके से कब्जे की कोशिश है।

किसानों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति की जमीन आसपास जरूर है, लेकिन उनके बीच में कई परिवारों की पुश्तैनी जमीन है, जो क्षेत्रफल में उससे कहीं ज्यादा है। इसके बावजूद दबाव बनाकर पूरे इलाके को खाली कराने की कोशिश हो रही है।

मोहल्ले में टेंट, 24 घंटे डेरा—दहशत का माहौल

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले एक महीने से मोहल्ले में टेंट लगाकर 20-25 लोग लगातार डेरा डाले हुए हैं। ये लोग दिन-रात वहीं मौजूद रहते हैं, घरों के पास बैठते हैं और माहौल ऐसा बना दिया गया है कि विरोध करना भी जोखिम भरा लगने लगा है।

“जमीन बेचो या छोड़ो, वरना अंजाम भुगतो”

किसानों ने आरोप लगाया कि गुर्गों के जरिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है—या तो जमीन बेच दो या फिर छोड़कर चले जाओ। विरोध करने पर जान-माल की धमकी दी जा रही है। साफ शब्दों में कहा जा रहा है कि “आज नहीं तो कल यह जमीन छोड़नी ही पड़ेगी।”

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खेत पर चली जेसीबी, पेड़ों को किया साफ

पीड़ितों ने बताया कि उनकी कृषि भूमि को जेसीबी से समतल कर दिया गया, जिससे खेत की पहचान तक खत्म हो गई। विरोध करने पर उल्टा धमकाया गया।
करीब 500 नीम, बबूल और अन्य पेड़ों को काटकर जला दिया गया, जिससे इलाके की हरियाली भी खत्म कर दी गई।

रास्ता भी विवाद में, आवाजाही पर असर

स्थानीय लोगों का कहना है कि बछेरा तालाब से सत्संग भवन के पास से उनके घरों तक पहुंचने का रास्ता वर्षों से इस्तेमाल में है। अब उसी रास्ते और आसपास की जमीन को लेकर विवाद खड़ा कर दिया गया है, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

प्रशासन पर सवाल: “कोई सुनवाई नहीं”

किसानों ने आरोप लगाया कि पटवारी और तहसील स्तर पर भी उनकी बात नहीं सुनी जा रही। उनका कहना है कि प्रभावशाली व्यक्ति के कारण प्रशासनिक स्तर पर भी निष्पक्षता नजर नहीं आ रही।

जनदर्शन में गुहार: “जमीन बचाइए, जान बचाइए”

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के सामने पहुंचे ग्रामीणों ने साफ कहा कि हालात ऐसे हैं कि अब जीना मुश्किल हो गया है। लगातार निगरानी, दबाव और धमकियों के बीच परिवार दहशत में हैं।
उनकी मांग है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करे और जमीन पर जबरन कब्जे की कोशिश को रोके।

 

 









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