नवरात्रि में ये गलतियां कर सकती हैं मां दुर्गा को नाराज, पढ़ें जरूरी नियम और सावधानियां

नवरात्रि में ये गलतियां कर सकती हैं मां दुर्गा को नाराज, पढ़ें जरूरी नियम और सावधानियां

हिंदू धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है चैत्र नवरात्र का पर्व। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही शुभ फल की प्राप्ति के लिए व्रत भी किया जाता है।

ऐसा माना जाता है कि चैत्र नवरात्र के दौरान कुछ गलतियों को करने से साधक को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं। आइए आपको बताते हैं कि चैत्र नवरात्र में क्या करें और क्या न करें?

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चैत्र नवरात्र में क्या करें 

  1. नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें। अखंड ज्योत जलाकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें।
  2. व्रत कथा का पाठ करें।
  3. विधिपूर्वक दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
  4. प्रिय फूल और भोग अर्पित करें।
  5. मां दुर्गा के मंत्रों का जप करें।
  6. अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
  7. सात्विक भोजन का सेवन करें।
  8. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  9. घर में शांति का माहौल बनाए रखें।
  10. महाअष्टमी या महानवमी के दिन कन्या पूजन जरूर करें।

चैत्र नवरात्र में क्या न करें 

  1. चैत्र नवरात्र के दौरान तामसिक भोजन का सेवन न करें।
  2. किसी से वाद-विवाद न करें।
  3. किसी के बारे में गलत न सोचें।
  4. काले रंग के कपड़े धारण न करें।
  5. नवरात्र में बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना अशुभ माना जाता है।
  6. व्रत में गेहूं, चावल, दालें और सफेद नमक का सेवन न करें।
  7. घर और मंदिर में गंदगी न होने दें।
  8. महिलाओं, कन्याओं और बुजुर्गों का अपमान न करें।
  9. व्रत वाले जातक को दिन में नहीं सोना चाहिए।

चैत्र नवरात्र 2026 कलश स्थापना का मुहूर्त 

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ- 19 मार्च, 2026 को सुबह 06 बजकर 52 मिनट तक
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि समाप्त- 20 मार्च, 2026 को सुबह 04 बजकर 52 मिनट तक
घटस्थापना मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 52 मिनट से सुबह 07 बजकर 46 मिनट पर
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट पर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 51 मिनट से 05 बजकर 59 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट पर
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 29 मिनट से 06 बजकर 53 मिनट तक

 









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