तेल बाजार में हड़कंप: गैस फील्ड और रिफाइनरी हमलों के बाद ईरान ने रियाद-कतर पर दागीं मिसाइलें

तेल बाजार में हड़कंप: गैस फील्ड और रिफाइनरी हमलों के बाद ईरान ने रियाद-कतर पर दागीं मिसाइलें

नई दिल्ली :  अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले जारी हैं। बुधवार को ईरान के विशाल पार्स गैस क्षेत्र पर हमला हुआ। यह इस युद्ध के दौरान ईरान के खाड़ी में स्थित एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ पहला हमला है।

ईरान ने कतर रियाद पर किया बड़ा हमला

इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि वह सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में तेल और गैस के प्रतिष्ठानों पर हमले करेगा। बुधवार को उसने सऊदी अरब के उस प्रांत पर हमले किए जिसमें कई तेल क्षेत्र मौजूद हैं।

वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी बुधवार रात दो तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि सऊदी अरब ने रियाद की तरफ आ रहीं चार बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट भी कर दिया। इन हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मच गया है।

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तेल की कीमतें छह प्रतिशत से अधिक बढ़कर 110 डालर प्रति बैरल हो गईं और शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। ईरान के मिसाइल हमले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में बेन गुरियन हवाई अड्डे पर तीन निजी विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

ईरान से इराक को गैस आपूर्ति रोक दी गई

रॉयटर के अनुसार, पार्स दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार का ईरानी हिस्सा है। ईरान इसे कतर के साथ साझा करता है। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि गैस टैंकों और रिफाइनरी के कुछ हिस्सों पर हमला हुआ। कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है और आपातकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। ईरान से इराक को गैस आपूर्ति रोक दी गई।

इजरायली मीडिया ने बताया कि इस हमले को इजरायल ने अमेरिका की सहमति से अंजाम दिया। अमेरिका के करीबी सहयोगी कतर ने भी इस हमले के लिए इजरायल को दोषी ठहराया और अमेरिका की किसी भी भूमिका का जिक्र नहीं किया।

अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस कतर में

इस क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस कतर में ही है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य बताया, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी इस हमले की निंदा की है।

जवाब में ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर के कई प्रमुख क्षेत्रीय तेल और गैस प्रतिष्ठानों की एक सूची जारी की। उसने कहा कि ये ठिकाने अब सीधे एवं वाजिब लक्ष्य हैं। वह इन पर हमला करे इससे पहले उन्हें तुरंत खाली कर दिया जाना चाहिए।

ईरान की चेतावनी

ईरान की चेतावनी का लक्ष्य सऊदी अरब की समरेफ रिफाइनरी व जुबैल पेट्रोकेमिकल कांप्लेक्स, यूएई का अल हासन गैस क्षेत्र और कतर का मेसाईद पेट्रोकेमिकल कांप्लेक्स, मेसाईद होल्डिंग कंपनी और रास लफान रिफाइनरी हैं।

लगभग तीन सप्ताह से जारी इस युद्ध में इससे पहले अमेरिका और इजरायल ने खुद को खाड़ी में ईरान की ऊर्जा उत्पादन इकाइयों को निशाना बनाने से रोक रखा था। इस वजह से ईरान भी अपने पड़ोसी देशों के तेल एवं गैस उद्योगों पर जवाबी हमला करने से बच रहा था।

ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं

ईरान पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर चुका है, जहां से दुनिया को 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का निर्यात होता है। उपभोक्ता देशों को उम्मीद थी कि यह रुकावट थोड़े समय के लिए ही रहेगी, बशर्ते उत्पादन इकाइयों को कोई नुकसान न पहुंचे।

बहरहाल, ईरान के पार्स गैस क्षेत्र पर हुए हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में पहले से ही जारी अभूतपूर्व व्यवधान के और भी बदतर होने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं। अमेरिका में डीजल की कीमतें 2022 के बाद पहली बार पांच डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई हैं।

लेबनान में इजरायली हमले तेज

इजरायल ने इस बीच लेबनान पर भी अपने हमले तेज कर दिए हैं और दक्षिण में जमीनी हमला भी शुरू कर दिया है। इन हमलों का मकसद ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को निशाना बनाना है।

मध्य बेरूत के बाचौरा जिले में बुधवार तड़के इजरायल ने निवासियों को एक इमारत खाली करने की चेतावनी दी। इजरायल का कहना था कि इस इमारत का इस्तेमाल हिजबुल्लाह करता था और इसके बाद उसने उस इमारत को पूरी तरह से ढहा दिया।

एपी के अनुसार, इजरायली सेना ने कहा कि हिजबुल्लाह इस इमारत का इस्तेमाल अपनी गतिविधियों के लिए करोड़ों डालर जमा करने के लिए कर रहा था।

इजरायल ने ईरान के दक्षिणी फार्स प्रांत के लारेस्तान में एक अदालत परिसर को भी निशाना बनाया। इसमें कम से कम आठ लोग मारे गए। ईरान के बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर पर भी मंगलवार रात एक मिसाइल हमला हुआ, लेकिन इससे संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

इराक व सऊदी से पाइपलाइन के जरिये निर्यात

रॉयटर के अनुसार, पिछले सप्ताह फारस की खाड़ी में अपने मुख्य तेल टर्मिनल पर परिचालन रोकने वाले इराक ने बुधवार को कहा कि उसने उत्तरी इराक के स्वायत्त कुर्द प्रशासन के साथ एक समझौता किया है।

इस समझौते के तहत अब एक पाइपलाइन के माध्यम से तुर्किये के भूमध्यसागरीय बंदरगाह सेहान तक प्रतिदिन 2.5 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात शुरू किया जाएगा। सऊदी अरब भी पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बाईपास करके अपने कुछ तेल को देशभर में फैली पाइपलाइन के जरिये भेजता है, ताकि उसे लाल सागर के किसी बंदरगाह से जहाजों द्वारा आगे भेजा जा सके।

मोसाद के एजेंट को सजा-ए-मौत

ईरान की एक समाचार एजेंसी 'मीजान' ने बताया कि ईरान ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को मौत की सजा दी है। उसकी पहचान कुरुश कीवानी के रूप में की गई है। आरोप है कि उसने इजरायल को संवेदनशील जगहों की तस्वीरें और जानकारी दी थी।

ईरान का दावा, खुला है होर्मुज

एपी के अनुसार, ईरान ने ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला हुआ है, लेकिन अमेरिका या उसके कई सहयोगी देशों के लिए नहीं। युद्ध शुरू होने के बाद से कुछ जहाज वहां से गुजरने में सफल रहे हैं। इनमें कुछ ईरानी जहाज थे, तो कुछ भारत, तुर्किये और अन्य देशों के जहाज भी शामिल थे।

नष्ट हुई चीजों को फिर से बनाने में लगेंगे 10 वर्ष : ट्रंप

एएनआइ के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान बहुत अच्छा चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए और इस क्षेत्र में बमबारी के दौरान जो कुछ भी नष्ट हुआ है, उसे फिर से बनाने में कम से कम एक दशक लगेगा। ट्रंप ने आगे कहा कि इन उपायों को और अधिक स्थायी बनाने की जरूरत है, ताकि किसी और राष्ट्रपति को ऐसी ही स्थिति का सामना न करना पड़े।









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