मैनपाट में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि, सफेद चादर से ढका इलाका; पारा 5 डिग्री गिरा

मैनपाट में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि, सफेद चादर से ढका इलाका; पारा 5 डिग्री गिरा

रायपुर : छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में हो रही झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आने वाले अगले दो दिनों, यानी 18 और 19 मार्च को भी राज्य में बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का दौर जारी रह सकता है। इस मौसमी बदलाव की मुख्य वजह सक्रिय हुआ ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) बताया जा रहा है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ मानसूनी जैसा माहौल बना हुआ है।

प्रदेश के उत्तरी हिस्से, विशेषकर सरगुजा संभाग में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में भारी ओलावृष्टि के कारण मैदानों और सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे नजारा किसी पहाड़ी बर्फीले इलाके जैसा नजर आने लगा है।

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हालांकि, यह नजारा देखने में जितना खूबसूरत है, फसलों के लिए उतना ही नुकसानदेह साबित हो रहा है। मैनपाट के साथ-साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कोटमी और अन्य ग्रामीण इलाकों में भी ओलों ने काफी तबाही मचाई है। मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के लिए अगले 48 घंटों का विशेष अलर्ट जारी किया है, जहां फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में भी सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है। रायपुर और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में इस समय दो अलग-अलग मौसमी तंत्र सक्रिय हैं, जिनके मेल से नमी बढ़ गई है और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। इस बेमौसम बरसात की वजह से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है, जिससे रात और सुबह के समय हल्की ठंडक का अहसास होगा।

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मौसम में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न जाने की हिदायत दी गई है।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। जहां एक तरफ शहरी इलाकों में रहने वाले लोग इस गिरावट और बारिश से गर्मी से मिली राहत का आनंद ले रहे हैं, वहीं खेतों में तैयार खड़ी फसलों और खलिहानों में रखे अनाज को बचाने के लिए किसान जद्दोजहद कर रहे हैं। आने वाले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ के तीन बड़े संभागों—रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा में मौसम का यह अनिश्चित रूप बरकरार रहने के आसार हैं।









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