महासमुंद : महासमुंद पालिका में गठित नई परिषद का एक वर्षीय कार्यकाल उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा है। एक ओर जहां नगरवासियों को कर भुगतान के लिए डिजिटल सुविधा दी है वहीं दूसरी ओर पालिका संसाधनों से मजबूत करने का भी कार्य नई परिषद ने किया है। यह सब नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू और पार्षदों ने आज संयुक्त पत्रकारवार्ता में अपने एक वर्षीय कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा। नपाध्यक्ष श्री साहू ने पत्रकारों को बताया कि पालिका में पहले 16 वाहन संचालित था जो बढ़कर अब 25 वाहन हो गई है।
परिषद ने एक जेसीबी मशीन क्रय की है वर्तमान में 4 जेसीबी कार्यरत है। वाहनों की संख्या बढ़ने से सफाई की व्यवस्था सुढृढ हुई है। इसी तरह 9 टिपर वाहनों में केवल 4 ही चल रहे थे अब पूरे 9 संचालित हो रहे है। इसी तरह 14 जर्जर पड़े टैंकरों को मरम्मत कराकर संचालित किया जा रहा है जिसके कारण टैंकरों की संख्या 21 हो गई है। हमने वाहन विभाग को अधिक पारदर्शी बनाते हुए वाहनों के सुनियोजित उपयोग की व्यवस्था लागू की है जिसके कारण वाहनों की संख्या बढ़ने के बावजूद डीजल व्यय में नियंत्रण संभव हुआ। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर गर्व के साथ यह कहा जा सकता है कि यह अवधि जनसेवा, पारदर्शिता और विकास के नए आयम स्थापित करने वाली है। वार्ता में सभापतिगण ज्योति रिंकू चंद्राकर, सूरज नायक, जितेन्द्र ध्रुव, ईश्र्वरी भोई, जय देवागन, गुलशन साहू, पार्षदगण ओमिन कागजी, मुस्ताक खान, चंद्रशेखर बेलदार, भाऊराम साहू, सीता टोंडेकर, धनेश्र्वरी सोनवानी, राहुल आवड़े, नीरज चंद्राकर, कल्पना सूर्यवंशी, धनेन्द्र चंद्राकर, माधुरी समेत अन्य मौजूद रहे।
सरकार व प्रशासन का मिला सहयोग
नपाध्यक्ष श्री साहू ने पालिका के विकास कार्यो के लिए राशि उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महासमुंद नगरपालिका किसी भी नगरीय निकाय से पीछे नही है बल्कि अपने कार्यो और नवाचार के कारण समुचे प्रदेश में अपनी पहचान और सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर रहा है।
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वाहने बढी खर्च हुआ कम, पहले वाहन कम खर्च अधिक
प्रस्तुत रिपोर्ट कार्ड में पिछले चार वर्षो में पालिका में उपयोग होने वाले वाहनों में डीजल खर्च के आंकड़े पेश किए। इन आंकड़ों को तुलानात्मक जानकारी देते हुए श्री साहू ने बताया कि पालिका में पूर्व के वर्षो में कम वाहन उपयोग हो रहा था पर खर्च अधिक था। हमारी परिषद में वाहनों की संख्या बढ़ी है और खर्व आधा हुआ। वर्ष 25-26 में एक वर्ष का डीजल व्यय 29 लाख 33 हजार 878 रुपए है वही वित्तीय वर्ष 21-22 में डीजल व्यय 72 लाख 34 हजार 836 रुपए, वर्ष 22-23 में 76 लाख 38 हजार 412 रुपए, वर्ष 23-24 में 79 लाख 32 हजार 617 रुपए, वर्ष 24-25 में 62 लाख 97 हजार 674 रुपए खर्च हुआ है। इस पर पत्रकारों ने सवाल उठाया कि क्या यह भ्रष्टाचार के दायरे में नही आता, तो निखिल ने कहा कि पहले क्या हुआ इस पर मै नही जाता। हमारे सभी पार्षद, सभापति और टीम ने पारदर्शिता के साथ काम किया है जिसका नजीता हमें सकारात्मक रूप में प्राप्त हुआ है जो हमारे परिषद की उपलब्धि है और जनता के खजाने को सुरक्षित रखने के रूप में लेते है।
शहर में नहीं है अवैध नल कनेक्शन
पालिका में कामकाज सभालने के बाद शहर करीब साढ़े 3-4 सौ अवैध नल कनेक्क्षन थे, जिसे पालिका ने वैध में बदलने के लिए कार्य किया और उन लोगों से शुल्क लेकर रिकार्ड करवाया। शहर में तीन एसटीपी प्लांट के लिए सरकार से 10 करोड़ 41 लाख 40 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है जिसका कार्यादेश जारी हो चुका है। शहर में दो स्थानों पर 5 लाख लीटर क्षमता वाली 3 नई पानी टँकी का निर्माण होगा और ओव्हर हेड टैंक व सम्पवेल का निर्माण भी प्रगतिरत है।
शहर में प्रभावित नहीं होगी जलापूर्ति
शहर में निर्बाध जल आपूर्ति के लिए जल विभाग द्वारा फिल्टर प्लांट में दो नग अतिरिक्त मोटर पंप खरीदकर 4 मोटर पंप की व्यवस्था की गई है, अब यदि कोई पंप खराब हो जाए तो भी पेयजल आपूर्ति पर कोई फर्क नही पड़ेगा।
कर भुगतान हुआ डिजिटल, जल्द ई आफिस
निखिल ने बताया कि डिजिटल नगर पालिका की ओर बढ़ते कदम बताते हुए कहा कि नगरवासियों की सुविधा के लिए मकान टैक्स, नल टैक्स का भुगतान क्युआर कोड के माध्यम से किया जा रहा है। सितंबर 2025 से फरवरी 2026 तक क्यूआर कोड के माध्यम से पालिका को कुल 1655126 रुपए का कर प्राप्त हुआ जो हमारे लिए बड़ी उपब्लधि है। इस सुविधा के शुरु होने के बाद से अब करदाताओं को कर भुगतान करना आसान हो गया है। अब जल्द ही हम ई ऑफिस की ओर भी अग्रसर होंगे जिसमें नागरिकों को पालिका के सम्बंधित रिकार्ड डिजिटल तरीके से मिलेंगे और इससे पालिका में दस्तावेज़ गायब होने तथा अन्य तरह की गड़बड़ियों की शिकायत नहीं रहेगी। सभी तरह के रिकार्ड ई ऑफ़िस के पोर्टल में सुरक्षित रहेंगे।
नपा उपाध्यक्ष का आरोप निराधार
नपा उपाध्यक्ष द्वारा पालिका की ओर निजी टेंकर को बिना शुल्क जल देने के आरोप को नपाध्यक्ष निखिलकांत साहू ने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बिना दस्तावेजों के अपनी मर्जी से दर तय कर आरोप लगाया गया है, पालिका में पानी देने का रजिस्टर मेनटेंन है।



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