एसडीएम की कार्रवाई पर उठे सवाल, 10 पोकलेन मिलने के बाद भी जारी खनन

एसडीएम की कार्रवाई पर उठे सवाल, 10 पोकलेन मिलने के बाद भी जारी खनन

रायगढ़ : सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला खनन माफिया की गिरफ्त में आ चुका है। न तो रेत पर और न ही लाइमस्टोन व डोलोमाइट के अवैध खनन पर कोई कार्रवाई होती है। हास्यास्पद बात यह है कि जिस जगह से एसडीएम वर्षा बंसल ने पोकलेन जब्त किए थे, वहां फिर से खनन शुरू हो चुका है। पहले से भी ज्यादा गति से पत्थर निकाले जा रहे हैं। टिमरलगा, गुड़ेली, लालाधुरवा, सरसरा, खर्री बड़े, सेंदुरस आदि गांवों में लाइमस्टोन का अवैध खनन कभी रुका ही नहीं। खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को केवल रोड पर गाड़ी पकड़ने की अनुमति है। किसी को भी अवैध खदानों में कदम रखने की इजाजत नहीं है। लाइमस्टोन का अवैध खनन पहले से भी ज्यादा तेजी से चल रहा है।

खनन माफिया पहले से भी ज्यादा ताकतवर हो चुका है। सोमवार को एसडीएम वर्षा बंसल ने दस पोकलेन जब्त किए थे, लेकिन इस जानकारी को बाहर नहीं आने दिया गया। एसडीएम ने जहां से पोकलेन जब्त किए थे, अब वहां पहले से भी ज्यादा तेजी से लाइमस्टोन खनन होने लगा है। इसका एक वीडियो भी प्राप्त हुआ है। हर आधे घंटे में एक हाइवा बोल्डर लोड करके निकल रही है। रोजाना सैकड़ों टन बोल्डर यहां से निकालकर क्रशरों में भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिन पोकलेन को जब्त किया गया था, उन्हीं से खनन कराया जा रहा है। टिमरलगा में कुबेर पटेल और उमेश पटेल की अवैध खदानों में कार्रवाई हुई थी। लेकिन दस्तावेजों में प्रकरण दर्ज करने के बजाय निपटा दिया गया।

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टिमरलगा और गुड़ेली में अवैध खनन के बोल्डर आसानी से रॉयल्टी पर्ची में खपा दिए जाते हैं। हर बार गाड़ी में ही कार्रवाई होती है। हकीकत यह है कि अवैध खदानों में कोई झांकता ही नहीं। एसडीएम की कार्रवाई की जानकारी न तो कलेक्टर को है और न ही खनिज विभाग को। कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग को भी साथ में नहीं रखा गया था। अवैध खदानों से बोल्डर लेकर निकलते ट्रक कैमरे में कैद हो गए हैं।

गुड़ेली में रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की कार्रवाई अभी भी सबको याद है। तब खनन माफिया अमृत पटेल की तूती बोलती थी, तब सहायक कलेक्टर के रूप में पदस्थ मयंक चतुर्वेदी ने खनिज विभाग के साथ रात को अमृत पटेल के अवैध खदान में छापा मारा। मौके पर पोकलेन, हाईवा आदि वाहन पाए गए जो खनन कर रहे थे। कार्रवाई से बचने के लिए अमृत पटेल ने मयंक चतुर्वेदी पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी। तब खनिज विभाग और पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई की। उसके बाद से अमृत पटेल अवैध खनन नहीं कर पाया।

 









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