नई दिल्ली : डेब्यू टेस्ट मैच किसी भी क्रिकेटर के जीवन का सबसे भावुक और दबाव वाला पल होता है. दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गज अपने पहले मैच में शून्य पर आउट हुए हैं, लेकिन क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में कुछ ऐसे ‘चुनिंदा’ सूरमा भी हुए हैं जिन्होंने अपनी पहली ही पारी को इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक केवल सात ऐसे बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने अपने पदार्पण मैच में ही दोहरा शतक जड़ने का कारनामा किया है. इन सात दिग्गजों की उस महागाथा पर नजर डालते हैं जिन्होंने क्रीज पर कदम रखते ही दुनिया को अपना मुरीद बना लिया.
डेब्यू टेस्ट में दोहरा शतक लगाने की परंपरा की शुरुआत इंग्लैंड के बल्लेबाज रेजिनाल्ड फोस्टर ने की थी. साल 1903 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में उन्होंने 287 रनों की विशाल पारी खेली थी. 120 साल से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी डेब्यू टेस्ट में सबसे बड़े स्कोर का विश्व रिकॉर्ड आज भी फोस्टर के ही नाम है. दिलचस्प बात यह है कि वह इंग्लैंड के लिए फुटबॉल और क्रिकेट दोनों खेलने वाले इकलौते कप्तान भी रहे.
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लॉरेंस रो दोनों पारियों में डेब्यू पर शतक जड़ने वाले इकलौते खिलाड़ी
वेस्टइंडीज के स्टाइल आइकॉन माने जाने वाले लॉरेंस रो ने किंग्स्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ डेब्यू किया. उन्होंने पहली पारी में 214 रन बनाए और दूसरी पारी में भी नाबाद 100 रन जड़ दिए.वह दुनिया के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट की दोनों पारियों में शतक (एक दोहरा) बनाया. उनकी बल्लेबाजी को देखकर महान गैरी सोबर्स ने कहा था कि रो जैसा तकनीकी रूप से सक्षम बल्लेबाज उन्होंने नहीं देखा.
ब्रेंडन कुरुप्पु ने खेली 201 रन की पारी
श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन कुरुप्पु ने न्यूजीलैंड के खिलाफ कोलंबो में यह उपलब्धि हासिल की थी. कुरुप्पु का यह दोहरा शतक संयम की मिसाल था. उन्होंने 201 रन बनाने के लिए 777 मिनट तक बल्लेबाजी की और 548 गेंदों का सामना किया. डेब्यू पर दोहरा शतक लगाने वाले वह पहले और एकमात्र विकेटकीपर बल्लेबाज हैं.
मैथ्यू सिनक्लेयर ने खतरनाक गेंदबाजों के सामने खेली 214 रन की मैच विनिंग पारी
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मैथ्यू सिनक्लेयर ने वेस्टइंडीज के खतरनाक गेंदबाजों के सामने वेलिंगटन में 214 रनों की पारी खेली थी. उनकी इस पारी ने न्यूजीलैंड को एक बड़ी जीत दिलाई. सिनक्लेयर ने अपनी पारी में क्लासिक शॉट्स का प्रदर्शन किया था, हालांकि उनका करियर बाद में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उनका आगाज आज भी कीवी क्रिकेट के सुनहरे पन्नों में दर्ज है.
जैक रूडोल्फ दक्षिण अफ्रीका के लिए डेब्यू पर सबसे बड़ी पारी खेल चुके हैं
दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाज जैक रूडोल्फ ने बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में नाबाद 222 रन बनाए थे। रूडोल्फ ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए बोएटा डिपेनार के साथ मिलकर 429 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी. यह किसी भी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज द्वारा डेब्यू पर बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है. रूडोल्फ ने 383 गेंदों पर 29 चौके और दो छक्के जड़े.
चौथी पारी में डेब्यू पर दोहरा शतक लगाने वाले काइल मायर्स इकलौते बल्लेबाज हैं
मॉडर्न क्रिकेट के सबसे चमत्कारी डेब्यू में से एक काइल मायर्स का रहा. बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में चौथी पारी में 395 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मायर्स ने नाबाद 210 रन बनाए. चौथी पारी में डेब्यू पर दोहरा शतक लगाने वाले वह दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं. उनकी इस पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने एशिया में रनों का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी. मायर्स ने 310 गंदों पर 20 चौके और सात छक्के जड़े थे.
कॉनवे ने डेब्यू टेस्ट में छक्का जड़कर बनाया था दोहरा शतक
हाल के वर्षों में डेवोन कॉनवे ने क्रिकेट के मक्का ‘लॉर्ड्स’ के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ 200 रनों की यादगार पारी खेली. कॉनवे ने सौरव गांगुली के लॉर्ड्स में डेब्यू पर बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ा. उन्होंने छक्का मारकर अपना दोहरा शतक पूरा किया था, जो उनकी निडर मानसिकता को दर्शाता है.कॉनवे ने पहली पारी में 347 गेंदों पर 22 चौकों और एक छक्के की मदद से यह पारी खेली थी.



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