प्रदोष व्रत 2026: शिव जी के इन नामों का जप बदल सकता है आपकी किस्मत

प्रदोष व्रत 2026: शिव जी के इन नामों का जप बदल सकता है आपकी किस्मत

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को कष्टों को हरने वाला और अच्छी सेहत देने वाला सबसे शुभ व्रत माना गया है। यह भगवान शिव को समर्पित एक पावन व्रत है। इस दिन पूजा-पाठ और व्रत का विधान है। सोम प्रदोष का व्रत न केवल भगवान शिव की कृपा दिलाता है, बल्कि कुंडली से चंद्र दोष को भी शांत करता है। अगर आप या आपके परिवार में कोई लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहा है, या आप मानसिक शांति और अच्छी सेहत की कामना रखते हैं, तो प्रदोष काल में शिव जी के 108 नामों का जप जरूर करें, जो इस प्रकार हैं -

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पूजा विधि 

  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  2. हाथ में थोड़ा जल, अक्षतऔर पुष्प लेकर संकल्प करें।
  3. सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें, क्योंकि हर पूजा की शुरुआत उन्हीं से होती है।
  4. पंचामृत से शिव जी का अभिषेक करें।
  5. अंत में फिर से शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं।
  6. अभिषेक करते समय "ॐ नमः शिवाय" का जप करते रहें।
  7. सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
  8. तीन दल वाला बिल्व पत्र चढ़ाएं।
  9. उस पर चंदन से 'राम' या 'ॐ' लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
  10. साबुत चावल और सफेद फूल, धतूरा, आक आदि भी चढ़ाएं।
  11. धूप दिखाएं और घी का दीपक जलाएं।
  12. शिव जी को ऋतु फल, मेवे या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
  13. अंत में आरती करके पूजा में हुई सभी गलती के लिए माफी मांगे।

।।भगवान शिव के 108 नाम।।

ॐ महाकाल नमः

ॐ रुद्रनाथ नमः

ॐ भीमशंकर नमः

ॐ नटराज नमः

ॐ प्रलेयन्कार नमः

ॐ चंद्रमोली नमः

ॐ डमरूधारी नमः

ॐ चंद्रधारी नमः

ॐ भोलेनाथ नमः

ॐ कैलाश पति नमः

ॐ भूतनाथ नमः

ॐ नंदराज नमः

ॐ नन्दी की सवारी नमः

ॐ ज्योतिलिंग नमः

ॐ मलिकार्जुन नमः

ॐ भीमेश्वर नमः

ॐ विषधारी नमः

ॐ बम भोले नमः

ॐ विश्वनाथ नमः

ॐ अनादिदेव नमः

ॐ उमापति नमः

ॐ गोरापति नमः

ॐ गणपिता नमः

ॐ ओंकार स्वामी नमः

ॐ ओंकारेश्वर नमः

ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः

ॐ भोले बाबा नमः

ॐ शिवजी नमः

ॐ शम्भु नमः

ॐ नीलकंठ नमः

ॐ महाकालेश्वर नमः

ॐ त्रिपुरारी नमः

ॐ त्रिलोकनाथ नमः

ॐ त्रिनेत्रधारी नमः

ॐ बर्फानी बाबा नमः

ॐ लंकेश्वर नमः

ॐ अमरनाथ नमः

ॐ केदारनाथ नमः

ॐ मंगलेश्वर नमः

ॐ अर्धनारीश्वर नमः

ॐ नागार्जुन नमः

ॐ जटाधारी नमः

ॐ नीलेश्वर नमः

ॐ जगतपिता नमः

ॐ मृत्युन्जन नमः

ॐ नागधारी नमः

ॐ रामेश्वर नमः

ॐ गलसर्पमाला नमः

ॐ दीनानाथ नमः

ॐ सोमनाथ नमः

ॐ जोगी नमः

ॐ भंडारी बाबा नमः

ॐ बमलेहरी नमः

ॐ गोरीशंकर नमः

ॐ शिवाकांत नमः

ॐ महेश्वराए नमः

ॐ महेश नमः

ॐ संकटहारी नमः

ॐ महेश्वर नमः

ॐ रुंडमालाधारी नमः

ॐ जगपालनकर्ता नमः

ॐ पशुपति नमः

ॐ संगमेश्वर नमः

ॐ दक्षेश्वर नमः

ॐ घ्रेनश्वर नमः

ॐ मणिमहेश नमः

ॐ अनादी नमः

ॐ अमर नमः

ॐ आशुतोष महाराज नमः

ॐ विलवकेश्वर नमः

ॐ अचलेश्वर नमः

ॐ ओलोकानाथ नमः

ॐ आदिनाथ नमः

ॐ देवदेवेश्वर नमः

ॐ प्राणनाथ नमः

ॐ शिवम् नमः

ॐ महादानी नमः

ॐ शिवदानी नमः

ॐ अभयंकर नमः

ॐ पातालेश्वर नमः

ॐ धूधेश्वर नमः

ॐ सर्पधारी नमः

ॐ त्रिलोकिनरेश नमः

ॐ हठ योगी नमः

ॐ विश्लेश्वर नमः

ॐ नागाधिराज नमः

ॐ सर्वेश्वर नमः

ॐ उमाकांत नमः

ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः

ॐ त्रिकालदर्शी नमः

ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः

ॐ महादेव नमः

ॐ गढ़शंकर नमः

ॐ मुक्तेश्वर नमः

ॐ नटेषर नमः

ॐ गिरजापति नमः

ॐ भद्रेश्वर नमः

ॐ त्रिपुनाशक नमः

ॐ निर्जेश्वर नमः

ॐ किरातेश्वर नमः

ॐ जागेश्वर नमः

ॐ अबधूतपति नमः

ॐ भीलपति नमः

ॐ जितनाथ नमः

ॐ वृषेश्वर नमः

ॐ भूतेश्वर नमः

ॐ बैजूनाथ नमः

ॐ नागेश्वर नमः









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