आज के समय में भारत में डायबिटीज, किडनी और लिवर की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भारत को डायबिटीज कैपिटल कहा जा रहा है। भारत में डायबिटीज, किडनी और लिवर के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोग इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए आयुर्वेद का रुख कर रहे हैं।
आयुर्वेद के अनुसार शरीर में तीन दोष होते हैं - वात, पित्त और कफ। जब ये संतुलित रहते हैं, तो शरीर स्वस्थ रहता है। लेकिन गलत खानपान और खराब दिनचर्या इन दोषों को असंतुलित कर देती है, जिससे- किडनी, डायबिटीज और लिवर से जुड़ी बीमारियां होती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए आयुर्वेद एक खास प्रकार की दिनचर्या को फॉलो करने की बात करता है। तो चलिए जानते हैं डायबिटीज, किडनी और लिवर की बीमारी से बचने के लिए आयुर्वेदिक रूटीन कैसा होना चाहिए?
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बीमारियों से बचाव के लिए संतुलित आहार जरूरी है
डायबिटीज, किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियां न हो, इसके लिए आयुर्वेद संतुलित और सात्विक आहार अपनाने की सलाह देता है। आयुर्वेद कहता है कि खाने में हरी सब्जियां जैसे लौकी, तोरी, पालक, मेथी खानी चाहिए। ताजे फल जैसे सेब, पपीता, अमरूद और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए। ये सभी लिवर को साफ रखते हैं, किडनी को सपोर्ट करते हैं और ब्लड शुगर नियंत्रित रखते हैं।

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