किरंदुल : चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर दंतेवाड़ा जिले में भक्ति और श्रद्धा का अनुपम वातावरण देखने को मिल रहा है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक घर-घर में माँ दुर्गा की आराधना के साथ कलश स्थापना एवं अखंड ज्योत प्रज्वलित कर भक्तजन पूजा-अर्चना में लीन हैं।महाअष्टमी के शुभ दिन पूरे क्षेत्र में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कन्या भोज का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने नौ कन्याओं और एक बालक (लंगूर) को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर विधिवत पूजन किया।
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किरंदुल की लौह नगरी एवं आसपास के ग्राम पंचायतों में भक्तों ने अत्यंत श्रद्धा के साथ कन्याओं के चरण धोए, उनके पैरों में आलता लगाया, हाथों में कलावा बांधा और रोली-सिंदूर से तिलक कर उनका सम्मान किया। इसके पश्चात कन्याओं को ससम्मान बैठाकर स्वादिष्ट भोजन कराया गया तथा उपहार भी भेंट किए गए।
पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, सेवा और संस्कार का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में नारी सम्मान और भारतीय संस्कृति की गहराई को भी दर्शाती है।महाअष्टमी के इस पावन पर्व पर पूरा क्षेत्र “जय माता दी” के जयघोष से गूंज उठा और भक्तिमय माहौल ने सभी को भावविभोर कर दिया



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