साबूदाना फलाहार का अहम भोजन है। व्रत में लोग साबूदाने से बनी खिचड़ी, वड़ा, पापड़ और दूसरी स्वादिष्ट डिश खाते हैं। साबूदाने को कुछ लोग चावल नहीं मानते, लेकिन कुछ लोग इसे व्रत वाले चावल कहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शुगर के मरीज साबूदाना खा सकते हैं। कई बार लोगों को पता ही नहीं होता कि साबूदाना खाने से शरीर पर क्या असर होगा। जो लोग इसे चावल नहीं मानते हैं वो इसके जमकर सेवन करने लगते हैं। ऐसे में अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो ये जानना बहुत जरूरी है कि डायबिटीज में साबूदाना खा सकते हैं या नहीं खा सकते हैं?
साबूदाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कितना होता है?
डॉक्टर आलोक जोशी (सीनियर डायरेक्टर, डायबिटीज़ एंड मेटाबॉलिक डिज़ीज़, मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग) के अनुसार साबूदाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) काफी हाई होता है, जो लगभग 70–85 के बीच माना जाता है। इसका मतलब है कि यह तेजी से ब्लड शुगर बढ़ा सकता है।
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क्या डायबिटीज के मरीज साबूदाना खा सकते है?
साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च) से भरपूर होता है और इसमें फाइबर या प्रोटीन बहुत कम होता है। इसलिए इसे डायबिटीज के मरीज को बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। शुगर में साबूदाना खाना पूरी तरह से मना है। इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और लंबे समय तक पेट भरा नहीं रहता, बार-बार भूख लग सकती है।
डायबिटीज में साबूदाना कैसे खाएं, जिससे कम नुकसान हो?
किन लोगों को साबूदाना नहीं खाना चाहिए?
साबूदाना स्वादिष्ट जरूर है, लेकिन डायबिटीज में इसे खाने से बचना चाहिए। अगर कभी-कभार साबूदाना खा रहे हैं तो बहुत संतुलित मात्रा में ही लेना चाहिए। बेहतर होगा कि डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही इसे डाइट में शामिल करें।



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