गरियाबंद: गरियाबंद में शुक्रवार को दोपहर बाद अचानक बदले मौसम और तेज आंधी-तूफान ने साप्ताहिक बाजार में अफरा-तफरी मचा दी। बड़े पेड़ों के बीच लगे बाजार में उस वक्त बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई, जब तेज हवा के कारण पेड़ों की सूखी डालियां टूटकर नीचे गिरने लगीं। घटना के दौरान बाजार में बड़ी संख्या में स्थानीय और अन्य जगहों से आए दुकानदार बाजार लगाए हुए थे, वहीं बड़ी संख्या में लोग खरीदारी कर रहे थे, जिससे कुछ देर के लिए डर का माहौल जैसी स्थिति बन गई थी।
बताया जाता है अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते पेड़ों की सूखी व कमजोर डालियां टूटकर दुकानों और आसपास खड़े लोगों के पास गिरने लगीं। गनीमत रही कि समय रहते लोग वहां से हट गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि साप्ताहिक बाजार बड़े पेड़ों के नीचे लगता है, जो आंधी-तूफान के दौरान खतरनाक साबित हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए बाजार स्थल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए या वैकल्पिक स्थान चिन्हित किया जाए। घटना के बाद कुछ देर के लिए बाजार में डर का माहौल रहा, लेकिन मौसम सामान्य होने पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
बाजार के लिए जगह किए गए हैं चिन्हित
मालूम हो कि बीते माह गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने स्थानीय पालिका व राजस्व प्रशासन के अमला के साथ गरियाबंद शहर के विकास को लेकर निरीक्षण कर बाजार के लिए जगह चिन्हित किया था। लेकिन वर्तमान में बाजार अब भी मंडी परिसर के अंदर लगाए जा रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में बड़े पेड़ मौजूद हैं। बताना लाजिमी होगा कि गरियाबंद का साप्ताहिक बाजार कई मर्तबा एक जगह से दूसरे जगह अस्थाई रूप से लगाए गए हैं। मांग है कि बाजार को अब स्थाई रूप से सुरक्षित व सुविधायुक्त जगह में लगाई जाए



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