गर्मी में आम की फसल का रखें ख्याल, ये टिप्स दिलाएंगे ज्यादा मुनाफा

गर्मी में आम की फसल का रखें ख्याल, ये टिप्स दिलाएंगे ज्यादा मुनाफा

बसंत ऋतु आते ही फलों के राजा आम के सीजन की भी शुरुआत हो जाती है. अब जब अप्रैल शुरू होने वाला है, तब भीषण गर्मी का सामना इन आम के पेड़ों को करना होगा. खास बात ये कि आम के पेड़ों पर मटर बराबर फल भी आ चुके हैं. लेकिन, जैसे-जैसे इनके साइज बढ़ेंगे तो यह जमीन पर टपकते जाएंगे. ऐसे में किसान भाइयों को अपनी फसल से ज्यादा से ज्यादा उत्पादन लेने के लिए दो-तीन आसान उपाय करने चाहिए, जिससे अधिक से अधिक फल पेड़ में लगे रह जाएं.

ये दो चीज जान ले आम का हर किसान
गर्मी के मौसम में आम के पेड़ों की सिंचाई करने के साथ-साथ उन्हें पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिलना भी जरूरी होते हैं, क्योंकि यही पानी और यही पोषक तत्व फल के वजन गुणवत्ता से लेकर साइज और उनकी क्वांटिटी तक निर्भर करते हैं. अगर आम के पेड़ को पर्याप्त मात्रा में सही समय पर यह चीज मिलती रहे तो किसान अपने पेड़ों से अच्छी उपज निकाल सकते हैं, जो उनकी इनकम भी बढ़ाएंगे. जो किसान आम का बगीचा लगाए हैं या खेतों की मेड़ पर आम पेड़ हैं. उनसे अच्छा उत्पादन लेना चाहते हैं तो कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से बताए गए पेड़ में सिंचाई के तरीके और उर्वरक कब व कितना देना है, जान लें…

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है

ऐसे करें पेड़ों की सिंचाई
सागर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. केएस यादव बताते हैं कि गर्मी में किसी भी तरह की फसल से अच्छा उत्पादन लेने के लिए उसमें सिंचाई करना बहुत जरूरी होता है. ऐसे में किसान भाई सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि वह अपने पेड़ों को ड्रिप के माध्यम से सुबह-शाम पानी देकर सिंचाई करें और इस बात का ध्यान रखें कि आम के पेड़ के पास जो मिट्टी है, पूरी तरह से सूख न पाए. उसमें नमी बनी रहनी चाहिए. 15 से 20 दिन के अंतराल में आम के पेड़ों को पानी देकर सिंचाई करते रहें. जब तक फल लगे हैं, तब तक ऐसा करते रहें. जब फल परिपक्व होने की अवस्था में आ जाते हैं तब लगभग 15 दिन पहले पानी देना बंद कर देना चाहिए.

खरपतवार वाली मल्चिंग करें
कृषि वैज्ञानिक ने बताया, सिंचाई के साथ-साथ जब हम उर्वरक बड़े पेड़ों को देते हैं तो उनमें थाला बना लेना चाहिए. यह पेड़ के तना से एक डेढ़ मीटर की दूरी पर मल्चिंग करके बनाएं. मल्चिंग अगर हम खरपतवार की बनाते हैं तो यह बहुत अच्छा होता है. क्योंकि खरपतवार वाली जैविक मल्चिंग में लंबे समय तक नमी बनी रहती है और इसका फायदा ऐसे किसानों को मिलता है जिनके पास पानी की कमी है.

जानें उर्वरक देने का तरीका
अब हम जो थाला बना रहे हैं, उसकी 15 से 20 सेंटीमीटर की गुणाई कर लें. इसमें जो उर्वरक डालना है, उसमें सबसे पहले 20 किलो सड़ा गोबर लें. इसके साथ 200 ग्राम यूरिया, 400 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट, 200 ग्राम पोटाश मिला करके जो आम के तना से 1 मीटर की दूरी पर ड्रिप लगाई है, जहां सिंचाई होती है, वहां पर इसको डाल दें. इससे पेड़ के लिए भरपूर पोशाक मिलता रहता है. अगर आपको लगता है कि फल की साइज छोटा है और कुछ कमी वगैरा नजर आ रही तो 25 दिन बाद फिर उर्वरक दे सकते हैं.









You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments