आज यानी 1 अप्रैल को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। इस तिथि का समापन प्रातः 07 बजकर 06 मिनट तक पर होगा। इसके बाद पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी। ऐसे में आज चैत्र पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही पवित्र नदी में स्नान और दान भी किया जाता है।
इससे साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 1 April 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
तिथि: शुक्ल चतुर्दशी
मास: चैत्र
दिन: बुधवार
संवत्: 2083
तिथि: शुक्ल चतुर्दशी – प्रातः 07 बजकर 06 मिनट तक, फिर पूर्णिमा
योग: वृद्धि – दोपहर 02 बजकर 51 मिनट तक, फिर ध्रुव
करण: वणिज – प्रातः 07 बजकर 06 मिनट तक
करण: विष्टि – सायं 07 बजकर 20 मिनट तक
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सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 11 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 39 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: सायं 06 बजकर 11 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: प्रातः 05 बजकर 57 मिनट (02 अप्रैल)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कन्या राशि में
चन्द्र देव: मीन राशि में
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
अमृत काल: प्रातः 08 बजकर 48 बजे से प्रातः 10 मिनट 28 बजे तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 10 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 07 बजकर 45 मिनट से प्रातः 09 बजकर 18 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 01 बजकर 59 मिनट से सायं 03 बजकर 31 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 09 बजकर 23 मिनट से प्रातः 10 बजकर 55 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 06 बजकर 18 मिनट से प्रातः 07 बजकर 50 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र: सायं 04 बजकर 17 मिनट तक
स्थान: 26°40’ सिंह राशि से 10°00’ कन्या राशि तक
नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव
राशि स्वामी: सूर्यदेव और बुधदेव
देवता: अर्यमा (मित्रता और एकजुटता के देवता)
प्रतीक: बिस्तर
सामान्य विशेषताएं: विनम्र, मेहनती, बेहतरीन वक्ता, बुद्धिमान, भरोसेमंद दोस्त, मददगार, उदार, ईमानदार, कभी-कभी क्रोधी, समृद्ध और काम के प्रति समर्पित।



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