नई दिल्ली :जैसे-जैसे 'धुरंधर: द रिवेंज' (Dhurandhar The Revenge) की 'पॉलिटिक्स' को लेकर चर्चाएं तेज होती जा रही हैं, फिल्म में उजैर बलोच का किरदार निभाने वाले एक्टर दानिश पांडोर एक बहुत ही सीधी-सादी और दिल को छू लेने वाली बात कहते हैं। आइए जानते हैं फिल्म को लेकर चल रहे प्रोपेगेंडा विवाद के बीच दानिश पंडोर की क्या राय है?
'धुरंधर 2' प्रोपेगेंडा विवाद पर दानिश पंडोर का रिएक्शन
दानिश पंडोर (Danish pandor) के लिए यह फिल्म महज एक कहानी है, और बाकी सब तो बस लोगों की अपनी-अपनी सोच है। इस पर बात करते हुए एक इंटरव्यू में दानिश ने कहा, 'इसमें पॉलिटिक्स कहां से आ गई? यह तो बस कहानी कहने का एक तरीका है। एक बार फिल्म रिलीज हो जाए, तो वह फिर हमारी नहीं रहती, दर्शकों की हो जाती है। वे इसे जिस तरह चाहें, उस तरह समझ सकते हैं'।
पैंडोर की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब आदित्य धर की फिल्म न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है, बल्कि अपने वायलेंट सीन्स से लेकर हर पहलू पर बहस भी छेड़ रही है। लेकिन इस शोर-शराबे के बीच भी, पंडोर फिल्म बनाने और उसमें अभिनय करने के अपने अनुभव पर ही पूरी तरह से केंद्रित हैं।
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आदित्य धर की राजनीति पर
सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि क्या 'धुरंधर 2' एक पॉलिटिकल फिल्म है? पंडोर ऐसा नहीं मानते। वे कहते हैं, 'इसका मकसद किसी एजेंडे को आगे बढ़ाना नहीं है, इसका मकसद तो एक ऐसी कहानी दिखाना है जिसमें सच्ची भावनाएं हों। लोग इसे अपने-अपने तरीके से समझ सकते हैं, लेकिन डायरेक्टर का इरादा ऐसा बिल्कुल नहीं है'।
आदित्य धर को नहीं पड़ता फर्क- दानिश
जहां तक इस बात का सवाल है कि धर खुद इन बातचीत पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहे होंगे, पंडोर सिर्फ अंदाजा ही लगा सकते हैं - लेकिन उन्हें लगता है कि फिल्ममेकर को इससे कोई फर्क पड़ रहा होगा। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसका उन पर कोई असर पड़ेगा। बल्कि, वह तो बहुत खुश होंगे। इस फिल्म ने जो हासिल किया है - वह बहुत बड़ी बात है। ऐसा लगता है जैसे 'धुरंधर' से पहले का सिनेमा कुछ और था और उसके बाद का कुछ और'।
'धुरंधर 2', 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसमें रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर माधवन, राकेश बेदी, अर्जुन रामपाल, दानिश पंडोर, सारा अर्जुन ने अहम किरदार निभाए हैं।



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