बदलती सोच या नया ट्रेंड? एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर में महिलाओं की भागीदारी में बड़ा उछाल

बदलती सोच या नया ट्रेंड? एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर में महिलाओं की भागीदारी में बड़ा उछाल

नई दिल्ली: भारत में शादियां अभी भी बड़े उत्सव और आजीवन साथ निभाने की उम्मीद के साथ मनाई जाती हैं, लेकिन एक एक्स्ट्रामैरिटल डेटिंग ऐप के आंकड़े इस परंपरा को चुनौती दे रहे है. Gleeden नाम के इस प्लेटफॉर्म ने हाल ही में 40 लाख से ज्यादा यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है.इसमें सबसे चौंकाने वाली बात महिलाओं की बढ़ती संख्या है.

महिलाओं में भारी बढ़ोतरी

ऐप के अनुसार, कुल यूजर्स में पुरुष 65% हैं जबकि महिलाएं 35%, लेकिन पिछले दो सालों में महिलाओं के साइन-अप में 148% की भारी बढ़ोतरी हुई है. यह आंकड़ा दिखाता है कि महिलाएं अब चुपचाप सहन करने की बजाय अपनी खुशी और भावनात्मक जरूरतों के लिए सक्रिय फैसले ले रही हैं. बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर इस ट्रेंड में सबसे आगे है.

एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स के मुख्य कारण

2025 के IPSOS सर्वे के मुताबिक, अफेयर्स के पीछे हमेशा बुरा इरादा नहीं होता. कई बार यह 'समय की कमी' की वजह से होता है. नौकरी की भागदौड़ और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच 33% लोग खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते. भावनात्मक जुड़ाव की कमी भी एक बड़ा कारण है. कई लोग लंच ब्रेक या रात के समय ऐप पर सिर्फ थोड़ी राहत और रोमांच महसूस करने के लिए आते हैं.

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जेंडर स्टीरियोटाइप टूट रहा

पहले यह माना जाता था कि केवल पुरुष ही बाहर संबंध बनाते हैं, लेकिन अब यह धारणा बदल रही है. सर्वे में 43% पुरुषों और 42% महिलाओं ने भावनात्मक या शारीरिक अफेयर्स की बात मानी है. यह दिखाता है कि महिलाएं भी अब stagnant शादी से बाहर fulfillment ढूंढने लगी हैं. लगभग आधे लोगों ने fantasies की बात भी कही, जो पारंपरिक शादी की अवधारणा पर सवाल उठाता है.

कहां और कब सबसे ज्यादा एक्टिविटी?

बेंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में यह ट्रेंड सबसे ज्यादा है, लेकिन लखनऊ और सूरत जैसे टियर-2 शहर भी तेजी से बढ़ रहे हैं. ज्यादातर लोग दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक और रात 10 बजे से आधी रात तक ऐप इस्तेमाल करते हैं.

पुरुष अक्सर 25-30 साल की युवा महिलाओं को पसंद करते हैं, जबकि महिलाएं 30-40 साल के स्थापित प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर या CA की तरफ आकर्षित होती हैं. इससे पता चलता है कि वित्तीय स्थिरता अभी भी महत्वपूर्ण है.

सोशल मीडिया और डिजिटल बदलाव

60% से ज्यादा लोग ऑनलाइन फ्लर्टिंग की आसानी को बढ़ते अफेयर्स का कारण मानते हैं. ये ऐप्स उन लोगों को सुरक्षित और गुप्त जगह देते हैं जो भावनात्मक या शारीरिक रूप से असंतुष्ट महसूस करते हैं. जैसे-जैसे स्टिग्मा कम हो रहा है और यूजर बेस 40 लाख पार कर रहा है, कई भारतीयों के लिए पारंपरिक वादे अब लचीले होते जा रहे हैं.

 









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