गर्मियों के मौसम की शुरुआत होते ही बाजारों में ठंडक देने वाले फलों की मांग तेजी से बढ़ने लगती है. इन्हीं में से एक है, ककड़ी. जो इन दिनों लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. भरतपुर जिले के कई क्षेत्रों में ककड़ी की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और अब यह किसानों के लिए मुनाफे का सौदा भी साबित हो रही है. ककड़ी एक ऐसा फल है जो खासतौर पर गर्मियों में ही उपलब्ध होता है. इसके सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है और पानी की कमी को दूर करने में यह काफी कारगर मानी जाती है.
इसमें पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. साथ ही तेज गर्मी और लू के प्रभाव से बचाने में भी ककड़ी अहम भूमिका निभाती है. भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अब ककड़ी की खेती पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं. कम समय में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को अच्छी आमदनी दे रही है. स्थानीय किसानों का कहना है कि गर्मियों में बाजार में ककड़ी की मांग लगातार बनी रहती है. जिससे उन्हें बेहतर दाम मिल जाते हैं.
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भरतपुर में गर्मी में ककड़ी का स्वाद और ताजगी
बाजारों में भी ककड़ी की आवक बढ़ने लगी है, शहर और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में लोग इसे बड़े चाव से खरीद रहे हैं. खासकर दोपहर के समय ठंडी ककड़ी खाने का चलन तेजी से बढ़ा है. कई जगहों पर इसे सलाद के रूप में तो कहीं नमक और मसाले के साथ खाया जा रहा है. ककड़ी का सेवन स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और शरीर में ताजगी बनाए रखती है. गर्मी के दिनों में नियमित रूप से ककड़ी का सेवन करने से डिहाइड्रेशन की समस्या से बचा जा सकता है.
ककड़ी की खेती बढ़ी, भरतपुर के किसानों की आमदनी
बढ़ती गर्मी के बीच ककड़ी न सिर्फ लोगों को राहत दे रही है. बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. यही वजह है कि भरतपुर में इसकी खेती और बाजार में मांग दोनों लगातार बढ़ती नजर आ रही है, क्योंकि यह मुनाफे का जरिया बन गई है. जिसकी खेती भरतपुर के आसपास के क्षेत्र में काफी अधिक पैमाने पर की जा रही है.



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