नक्सलवाद खत्म तो क्या पुलिसिया आतंक शुरू? पत्रकार और पुत्र पर ही दर्ज कर दी झूठी एफआईआर

नक्सलवाद खत्म तो क्या पुलिसिया आतंक शुरू? पत्रकार और पुत्र पर ही दर्ज कर दी झूठी एफआईआर

दंतेवाड़ा  : नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा में अब एक नया सवाल खड़ा हो गया है—क्या नक्सलवाद के खत्म होने के बाद पुलिसिया दमन का दौर शुरू हो गया है?गीदम थाना में घटी एक घटना ने कानून व्यवस्था और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।14 जनवरी की रात गीदम थाना में हुई मारपीट की घटना की कवरेज करने पहुंचे रिपोर्टर डीएम सोनी और उनके पुत्र के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि थाना परिसर के भीतर ही उनके साथ मारपीट तक कर दी गई।आरोप है कि भाजपा जिला कोषाध्यक्ष मनीष सुराना, शीतल सुराना, तिलोक सुराना, शैलेश लोढ़ा, गौरव भवानी सहित अन्य लोगों ने पत्रकार के साथ गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी दी और उनके पुत्र के साथ मारपीट की।स्थिति इतनी बिगड़ गई कि थाना प्रभारी विजय पटेल हालात काबू में नहीं कर सके, जिसके बाद एसपी द्वारा बटालियन फोर्स भेजकर स्थिति नियंत्रित की गई। प्रारंभ में पुलिस ने पत्रकार के आवेदन पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन इसके बाद कहानी ने नया मोड़ ले लिया।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में थाना प्रभारी ने केस को कमजोर करने की कोशिश की और पत्रकार को अलग-अलग माध्यमों से धमकियां दिलवाई गईं—यहां तक कहा गया कि केस वापस नहीं लिया तो उनके बेटे का भविष्य बर्बाद कर दिया जाएगा।

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पीड़िता मोनिका सोनी ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मामला गीदम से दंतेवाड़ा थाना स्थानांतरित कराया। लेकिन चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब यह खुलासा हुआ कि गीदम थाना प्रभारी ने घटना के करीब दो महीने बाद आरोपी पक्ष से आवेदन लेकर उल्टा पत्रकार डीएम सोनी, उनके पुत्र और मोनिका सोनी पर ही एफआईआर दर्ज कर दी।घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ में भारी रोष व्याप्त हो गया।जिला अध्यक्ष आजाद सक्सेना के नेतृत्व में पत्रकारों ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे एसपी गौरव राय से मुलाकात कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और झूठी एफआईआर निरस्त करने की मांग की।

जिला अध्यक्ष आजाद सक्सेना ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।उन्होंने इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया।एसपी गौरव राय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वे स्वयं पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच करेंगे और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि पद और अधिकारों का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








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