जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर गरियाबंद ब्लॉक के अंतिम छोर के गाँव आमामोरा में किया गया आयोजित

जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर गरियाबंद ब्लॉक के अंतिम छोर के गाँव आमामोरा में किया गया आयोजित

परमेश्वर राजपूत,गरियाबंद : विकासखंड के अंतिम छोर स्थित घने जंगलों एवं दुर्गम क्षेत्र में बसे ग्राम आमामोरा के शासकीय आदिवासी छात्रावास परिसर में वर्षों उपरांत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों से कुल 14 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से सभी आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया। शिविर के दौरान सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा शासन के महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए ग्रामीणों को लाभ उठाने की अपील की गई। शिविर में विभागीय स्टॉल लगाए गए थे। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया था। इस दौरान ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच कर उन्हें लाभान्वित किया गया।इस दौरान बिन्द्रनवागढ़ विधायक  जनक ध्रुव ने संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को जनप्रतिनिधि, शासन-प्रशासन एवं ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से विकसित करेंगे। उन्होंने कहा कि आमामोरा क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण काफी अभाव की जिंदगी जीने पर विवश थे। जिसे आने वाले समय में सभी मूलभूत सुविधाएं और अधिक मिलेगी। उन्होंने गाँवों में विद्युत की समस्या को देखते हुए कहा कि क्रेडा विभाग द्वारा लगाएं गए सौर ऊर्जा की केपेसिटी में बढ़ोत्तरी करें ताकि ग्रामीणों को और अधिक विद्युत मिल सके। उन्होंने कहा कि यहॉ के लोगों को खाद्यान्न की कमी न हो। इसका विशेष ध्यान रखें। शिक्षक नियमित रूप से स्कूल आकर बच्चों को अध्यापन कार्य कराएं। विधायक ध्रुव ने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं है। इसे और अधिक सहज बनाएं ताकि पर्यटन यहां आकर रुक सके। जनसमस्या निवारण शिविर  के यहॉ आयोजन होने से लोगों की उम्मीदें और अधिक बढ़ी है।जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा लगातार आज दुसरे दिन अति पिछड़े और संवेदनशील गॉव में यहॉ कि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पहुँचे है। इस क्षेत्र में अति पिछड़ी जनजाति कमार एवं भुंजिया के अधिकांश लोग निवासरत है। पूर्व में यहॉ के निवासी विकास से कोसों दूर थे। अब उनका बेहतरीन तरीके से विकास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आप लोग बे-झिझक होकर अपनी मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करें।

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कलेक्टर बीएस उइके ने कहा कि देश नक्सल मुक्त होने के उपरांत यहॉ जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर लगाया है। ताकि आप लोगों की समस्याओं को जानकर उसका निराकरण किया जा सके। उन्होंने ग्रामीणों की मांग एवं शिकायत पर बताया कि जर्जर आंगनबाड़ी भवन का मरम्मत शीघ्र कराया जाएगा। क्रेडा विभाग द्वारा विद्युत केपेसिटी को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आमामोरा और ओढ़ क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें उसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा सप्ताह में दो दिन आएंगे। साथ ही ग्रामीणों के राजस्व, कृषि संबंधित कार्य के लिए प्रति सप्ताह पटवारी, सचिव एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तीन दिन आएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के 40 वन अधिकार पट्टे संधारित नहीं हो पाया है। उसे शीघ्र ही संधारित कर ग्रामीणों को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण एवं पेयजल व्यवस्था के कार्याें पर भी गति लाई जायेगी। ताकि ग्रामीणों को सुविधाएं मिल सके।

पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने कहा कि ग्रामीणों क्षेत्र के नागरिकों अब रोजगार की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। यहॉ पर्यटन के दृष्टि से असीम संभावनाएं है। यहॉ के लोग पर्यटकों को ट्रेकिंग कराकर टेंट हाउस, मड हाउस बनाकर वहॉ ठहरायें और शुध्द ग्रामीण भोजन कराएं जिससे पर्यटक आकर्षित होंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे से दूर रहे। उन्होंने बताया कि आमामोरा में पुलिस केंद्र भी खोला जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा 05 हितग्राहियों को छड़ी वितरण किया गया। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो महिलाओं की गोदभरायी एवं दो बच्चों का अन्न प्रासन्न किया गया।








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