प्रदेश की योगी सरकार पपीते की खेती को बढ़ावा देने में जुटी है. इसके लिए उद्यान विभाग की तरफ से एकीकृत बागवानी मिशन के अंतर्गत पपीते की बागवानी के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है. इस योजना के तहत किसान अपनी खाली पड़ी जमीन पर पपीते की खेती कर सकते हैं. आजमगढ़ के जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर राम बताते हैं कि एकीकृत बागवानी मिशन और मुख्यमंत्री बागवानी योजना के तहत पपीते की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए इस योजना का संचालन किया जा रहा है. योजना का उद्देश्य किसानों को बागवानी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है.
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पपीते के लिए मार्च और अप्रैल का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है. विभाग ने प्रति हेक्टेयर 75000 हजार रुपये निर्धारित किए हैं. कुल लागत पर 40% तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है. किसान भाई उद्यान विभाग से प्रति हेक्टेयर ₹30000 तक की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं. उन्हें दो किस्तों में यह धनराशि उपलब्ध कराई जाती है. इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान उद्यान विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. उद्यान विभाग में जाकर भी आवेदन किया जा सकता है.
सिर्फ 3 कागज चाहिए
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों के पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन की खतौनी होनी चाहिए. पंजीकरण कराने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी. इन पैसों से किसानों को बागवानी में मदद मिलेगी. वे अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे.


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