3 अप्रैल 2026 से वैशाख का पवित्र महीना शुरू हो चुका है, जो आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ समय है। शास्त्रों में माना गया है कि वैशाख में तीर्थ में स्नान करना, पितरों का तर्पण करना तथा दान आदि करने से साधक को अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। वैशाख में तुलसी जी की सेवा का फल अनंत गुना बढ़ जाता है। लेकिन तुलसी पूजन के समय आपको कुछ नियम और सावधानी का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
तुलसी पूजन में ये काम
भूलकर भी न करें ये गलतियां
अक्सर अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पुण्य की जगह दोष लग सकता है, इसलि इन बातों का जरूर ध्यान रखें
रविवार और एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित न करें। माना जाता है कि इन दिनों में माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
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रविवार, एकादशी और सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते न तोड़ और न ही तुलसी को स्पर्श करें।
बिना स्नान किए या जूठे हाथों से तुलसी को न छुएं। इससे घर की सुख-समृद्धि पर प्रभाव पड़ सकता है।
तुलसी के गमले के आसपास कभी भी कूड़ा-कचरा या गंदगी जमा न होने दें।
तुलसी के पास कभी न रखें ये चीजें
हिंदू धर्म में तुलसी को एक अत्यंत पवित्र पौधा माना गया है। इसके पास इन चीजों को रखने से आपको वास्तु दोष का भी सामना करना पड़ सकता है -


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