CM योगी का बॉलीवुड को संदेश: फिल्मों में विलेन को हीरो के रूप में दिखाना गलत

CM योगी का बॉलीवुड को संदेश: फिल्मों में विलेन को हीरो के रूप में दिखाना गलत

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सांस्कृतिक समारोह के दौरान देशभर के फिल्म निर्केशकों और निर्माताओं की एक मीटिंग रखी. इस दौरान उन्होंने कुछ खास बिंदुओं पर गौर कराया.योगी ने सिनेमा के बदलते स्वरूप पर बात की और फिल्मों में कैसे हीरोज नहीं दिखाए जाने चाहिए इसपर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि कैसे सिनेमा जगत में एक समय रहा है जब फिल्मों में गैंगस्टर्स और डाकुओं को हीरो के तौर पर दिखाया जाता था.

योगी आदित्यनाथ के मुताबिक ये गलत है और इससे युवा पीढ़ियों पर जो देश का भविष्य हैं उनपर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. आइए जानते हैं कि खास कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा और पिल्म निर्देशकों को क्या संदेश दिए.

योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?

शुक्रवार के दिन योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एक कल्चरल इवेंट में हिस्सा लिया. ये महान योद्धा विक्रमादित्य के जीवन से इंस्पायर था. इस दौरान उन्होंने कहा- एक ऐसा दौर था जब महान किरदारों को विलेन की तरह दिखाया जाता था और विलन्स को हीरो की तरह पोट्रे किया जाता था. इसका नतीजा क्या निकला. कि आने वाले पीढ़िया इससे प्रभावित होने लगीं. लोगों ने अन्याय, लूटपाट और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना ही बंद कर दिया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमारे असली नायकों को फिल्मों में नई पीढ़ी के सामने पेश ही नहीं किया गया.

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आगे योगी ने कहा कि सिनेमा समाज को नया आकार देने के लिए जाना जाता है इसलिए विलेन्स को ग्लोरिफाई करना हमें बंद करना होगा. सीएम बोले- मैं फिल्म डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स से विनती करता हूं कि वे ऐसी फिल्में बनाएं जो मौजूदा पीढ़ी को प्रेरित करने के काम आएं. अगर आप एक डकैत को हीरो के तौर पर दिखाएंगे तो यूथ भी उन्हें अपना रोल मॉडल मानने लग जाएंगे. याद रखें कि कभी भी डाकुओं को हीरो के तौर पर फिल्मों में पेश ना करें. भारतीय सिनेमा ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद की है. लेकिन अब मौजूदा जनरेशन को जो पेश करेंगे वे उसे ही कन्ज्यूम करेंगे और उस हिसाब से आकार लेंगे.

योगी आदित्यनाथ पर भी आ चुकी बायोपिक फिल्म

समारोह में योगी आदित्यनाथ का इशारा भारतीय सिनेमा के एंटी-हीरोज की ओर था. इतिहास में पान सिंह तोमर, बैंडित क्वीन, मेरा गांव मेरा देश समेत कई फिल्में बनी हैं जिसमें डाकुओं को लीड रोल में दिखाया गया है और उनके प्रति संवेदना दिखाई गई है. कई फिल्मों में गैंगस्टर्स के साथ भी ऐसा ही दिखाया गया है. लेकिन योगी के हिसाब से ये गलत है और नहीं होना चाहिए. मालूम हो कि साल 2025 में योगी आदित्यनाथ के जीवन पर भी फिल्म आई थी. फिल्म में लीड एक्टर अनंत जोशी के अभिनय की तो तारीफ हुई थी लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का हाल बुरा था.








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