नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि चल रहे संघर्ष के परिणाम के तौर पर अमेरिका ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण कर सकता है। उन्होंने इसे सैन्य कार्रवाई के बदले मिलने वाले संभावित आर्थिक लाभ के रूप में पेश किया है।
ट्रंप ने ईरान के तेल को सुरक्षित करने के बारे में पूछे जाने पर कहा, "अगर मेरे पास चॉइस होती... हां, क्योंकि मैं सबसे पहले एक बिजनेसमैन हूं।" इस विचार को सही ठहराने के लिए उन्होंने अन्य जगहों पर अमेरिका द्वारा की गई पिछली कार्रवाइयों का हवाला दिया।
'तेल से खूब पैसा कमाना चाहूंगा'
उन्होंने कहा, "लेकिन याद रखिए कि युद्ध सालों तक चलते हैं। हम वहां सिर्फ 34 दिनों के लिए थे और हमने एक बहुत ही ताकतवर देश को पूरी तरह तबाह कर दिया। अगर यह मेरे हाथ में होता तो मैं तेल अपने पास ही रखना चाहता। लेकिन मुझे नहीं लगता कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लोग इस बात को समझ पाएंगे।" उन्होंने आगे कहा कि वह तेल लेना, उसे अपने पास रखना और उससे खूब सारा पैसा कमाना चाहेंगे।
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वेनेजुएला का दिया उदाहरण
वेनेज़ुएला से तुलना करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां अमेरिका की भागीदारी से ऊर्जा के क्षेत्र में पहले ही फायदे मिल चुके हैं। उन्होंने कहा, "हम वेनेज़ुएला के साझीदार हैं और हमने वहां से करोड़ों बैरल तेल लिया है। 10 करोड़ बैरल से ज्यादा तो हम पहले ही ले चुके हैं।"
ट्रंप ने कहा, "जीतने वाले को ही इनाम मिलता है... इस देश में शायद 100 सालों से ऐसा नहीं हुआ है।" ट्रंप ने तर्क दिया कि तेल संसाधनों को सुरक्षित करने से सैन्य अभियानों की लागत की भरपाई हो सकती है। वेनेज़ुएला का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "उस युद्ध का खर्च इससे कई गुना ज्यादा निकल आया।"


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