बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : जिले में शासकीय कार्यों की गति को तेज करने एवं आमजन को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री प्रेमलता पद्माकर द्वारा जिला कार्यालय के दिशा सभाकक्ष में अधिकारियों की समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जनशिकायतों एवं विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी लंबित आवेदनों, फाइलों एवं प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए। लंबे समय से लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा गया कि अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों की प्रगति पर नजर रखें और प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
जनचौपाल, जनदर्शन एवं ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों के निराकरण में गंभीरता बरतें तथा ऐसा समाधान सुनिश्चित करें जिससे आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि शासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को वार्षिक एवं मासिक लक्ष्यों का निर्धारण कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। जिन विभागों की प्रगति अपेक्षित नहीं पाई गई, उन्हें कार्यप्रणाली में सुधार लाने एवं मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की सख्त हिदायत दी गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, ग्रामीण विकास एवं अन्य प्रमुख विभागों को निर्देशित किया गया कि वे योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें।
विकास कार्यों में गति लाने हेतु अंतर-विभागीय समन्वय पर भी विशेष जोर दिया गया। विभिन्न विभागों को आपसी तालमेल बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से कोई भी कार्य बाधित न हो। निर्माण कार्यों, अधोसंरचना विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक बताए गए।
बैठक के अंत में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि अगली समय-सीमा बैठक तक लंबित प्रकरणों की संख्या न्यूनतम स्तर पर लाई जाए। कार्य में लापरवाही अथवा कोताही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के संकेत भी दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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