नारायणपुर, 11 अप्रैल 2026 : बस्तर के संवेदनशील और दुर्गम अबूझमाड़ अंचल के थुलथुली ग्राम पंचायत में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में प्रशासनिक पहुंच मजबूत होने के साथ अब मूलभूत सुविधाएं भी सीधे ग्रामीणों तक पहुंचने लगी हैं। जिला प्रशासन की पहल से पहली बार इस सुदूर क्षेत्र में वाहनों के माध्यम से राशन पहुंचाकर गांव में ही वितरण किया जा रहा है, जिससे वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हुआ है।
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में ओरछा विकासखंड के थुलथुली ग्राम पंचायत में विशेष अभियान चलाकर चावल उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को उनके अपने गांव में ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। यह पहल न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है बल्कि क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी मानी जा रही है। जिला खाद्य अधिकारी अलाउद्दीन खान ने बताया कि खाद्य विभाग द्वारा ट्रैक्टरों के माध्यम से दुर्गम क्षेत्र तक खाद्यान्न पहुंचाया गया है और गांव में ही वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
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गौरतलब है कि पहले थुलथुली ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को राशन लेने के लिए ओरछा जाना पड़ता था। थुलथुली से ओरछा की दूरी लगभग 22 किलोमीटर है, जिसे ग्रामीणों को पैदल तय करना पड़ता था। इस कठिन यात्रा में बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांगजन को विशेष परेशानी होती थी। अब गांव में ही राशन उपलब्ध होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है।
गांव में ही राशन वितरण शुरू होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से समय, श्रम और आर्थिक खर्च की बचत हो रही है और जीवन पहले से अधिक सुगम हुआ है।सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र परिवारों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराकर उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे।


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