अमेरिका की ईरान के साथ बातचीत विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बैन लगाने की धमकी का सोमवार को बाजार पर जोरदार असर हुआ। कच्चे तेल के भाव उछल गए जिसकी वजह से स्टॉक मार्केट सोमवार को तेज गिरावट के साथ खुले। सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर एक समय बीएसई सेंसेक्स 1399.77 अंक लुढ़ककर 76,150.48 के लेवल पर कारोबार करता दिखा। इसी तरह, एनएसई निफ्टी50 भी 410.35 अंक टूटकर 23,640.25 के लेवल पर आ गया।
इन शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव
निफ्टी पर कोल इंडिया, ओएनजीसी और सन फार्मा सबसे ज्यादा बढ़त बनाने वाले नतीजों में शामिल रहे, जबकि बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, आयशर मोटर्स, इंटरग्लोब एविएशन और श्रीराम फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में लगभग 617 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 2246 शेयरों में गिरावट आई और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में शामिल सभी शेयर लाल निशान में खुले

एनएसई पर टॉप लूजर स्टॉक्स (सुबह 9:42 बजे)
| सिंबल | LTP | बदलाव | %बदलाव | वॉल्यूम (लाख) | वैल्यू (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|
| EICHERMOT | 7,135.00 | -289.00 | -3.89 | 1.45 | 104.34 |
| MARUTI | 13,252.00 | -457.00 | -3.33 | 0.93 | 123.96 |
| SHRIRAMFIN | 994.80 | -32.75 | -3.19 | 14.03 | 139.91 |
| INDIGO | 4,410.10 | -144.10 | -3.16 | 3.81 | 167.10 |
| JIOFIN | 235.79 | -7.41 | -3.05 | 37.23 | 87.89 |
रुपया शुरुआती कारोबार में 49 पैसे टूटा
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 49 पैसे गिरकर 93.32 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत अमेरिकी मुद्रा के चलते रुपये पर दबाव देखा गया, वहीं वैश्विक स्तर पर जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं ने स्थिति को और प्रभावित किया। फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के निष्कर्षहीन रहने के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य के खुलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। साथ ही, निवेशकों द्वारा घरेलू शेयर बाजार से पैसा निकालने के चलते भी रुपये पर दबाव बढ़ा है।
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इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.30 पर खुला और जल्द ही और फिसलकर 93.32 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर से 49 पैसे की गिरावट दर्शाता है। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 32 पैसे की कमजोरी के साथ 92.83 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

कच्चे तेल की कीमत में उछाल
कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 8% बढ़कर लगभग 102 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल भी 8% चढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा। आंकड़ों पर नजर डालें तो ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत ने 2026 की शुरुआत में 61 डॉलर प्रति बैरल से सफर शुरू किया और मार्च के अंत में 118 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।


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