प्यार एक ऐसी फीलिंग है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। प्यार होने पर दुनिया रंगीन और हर शख्स प्यारा लगने लगता है। जब आप खुद से ज्यादा किसी पर भरोसा या प्यार जताते हैं, तो अलग खुशी महसूस होती है। आजकल रिलेशनशिप में ट्रेंड्स बदल चुके हैं लेकिन सच्चे प्यार के मायने आज भी वही है। इसके बावजूद कई लोग आज भी प्यार और अट्रैक्शन (आकर्षण) के बीच फंस जाते हैं। कई बार लोगों को लगता है कि उन्हें किसी से सच्ची मोहब्बत हो गई है पर वो सिर्फ अट्रैक्शन होता है। अट्रैक्शन और प्यार के बीच इस अंतर में बड़ी बारीक सी लाइन होती है, जिसे समझना थोड़ा मुश्किल होता है। कहीं आप प्यार की जगह किसी के साथ अट्रैक्शन में तो नहीं जुड़े हैं, क्या आपको इन दोनों के बीच का अंतर मालूम है। अगर नहीं, तो आज हम आपकी सभी कन्फ्यूजन को दूर कर देंगे और आपको इन दोनों के बीच का फर्क बताते हैं। साथ ही कुछ गलतियां हैं, जो ज्यादातर लोग ऐसे केसेस में करते हैं, वह भी बताएंगे।
अट्रैक्शन क्या होता है?
अट्रैक्शन इंस्टेंट आने वाली शॉर्ट टर्म फीलिंग होती है, जो लुक्स, बात करने के तरीके, स्टाइल, बिहेवियर और फिजिकल लेवल से हो सकती है। ऐसे में लोगों को लगता है कि उन्हें सामने वाले शख्स से सच्चा प्यार हो गया है। अगर आपको किसी से बात करना या उसे देखना अच्छा लग रहा है, तो ये सिर्फ अट्रैक्शन हो सकता है। अट्रैक्शन होने पर हर चीज जल्दी चाहने की इच्छा हो जाती है।
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खास संकेत क्या होते हैं-
-पहली नजर में ही अच्छा लगना
-बार-बार उस व्यक्ति के बारे में सोचना
-जल्दी करीब आने की इच्छा
-समय के साथ फीलिंग्स का कम हो जाना
सच्चा प्यार क्या होता है?
सच्चा प्यार होता है, सबकुछ धीरे पसंद आता है, जैसे धीरे-धीरे एक दूसरे को समझना, जानना, बातें करना, फिक्र करना और यह समय के साथ गहरा होता जाता है। प्यार लंबे समय तक टिका रहता है और ये शख्स की वाकई में चिंता करना सिखा देता है। साथ ही आपको उनके लुक्स या स्टाइल से प्यार नहीं होता बल्कि व्यक्तित्व से जुड़ाव होता है।
प्यार होने के संकेत जानें?
प्यार होने पर आपको पार्टनर के साथ सुकून मिलेगा।
सच्चा प्यार सिर्फ फिजिकल लालसा नहीं रखता बल्कि इमोशनल कनेक्ट रहता है।
पार्टनर की खुशी मायने रखना और उनका सम्मान करना।
कैसे पहचानें कि प्यार है या अट्रैक्शन?
अगर आप प्यार और अट्रैक्शन के बीच फंसकर कन्फ्यूज हो चुके हैं, तो कुछ सवाल और जवाब खुद से पूछें। आप जो भी सोचते या फील करते हैं, वही जवाब दें और फिर समझ पाएंगे कि प्यार हुआ है या महज आकर्षण है।
1. क्या आप सिर्फ उनकी बाहरी चीजों से प्रभावित हैं?
हां = अट्रैक्शन
नहीं = प्यार की संभावना
2. क्या आप उनकी कमियों को भी स्वीकार करते हैं?
हां = सच्चा प्यार
3. क्या समय के साथ आपकी फीलिंग्स बढ़ रही हैं?
हां = प्यार है
कम हो रही हैं = सिर्फ अट्रैक्शन
4. क्या आप उनके साथ फ्यूचर सोचते हैं?
हां = प्यार हुआ
नहीं = अट्रैक्शन में फंस गए
2 गलतियां कौन सी हैं?
पहली गलती- अट्रैक्शन को प्यार समझने की भूल और फिर अपना अट्रैक्शन सामने वाले पर जबरन थोपना। अगर सामने वाला आपमें रुचि नहीं रखता है, तो आप उसे जबरदस्ती प्यार, बात, मिलने के लिए नहीं कह सकते। ऐसा करने से आपकी दोस्ती भी खत्म हो जाएगी।
दूसरी गलती- जल्दबाजी में कोई फैसला न करें, फिर चाहे आपको प्यार हो या अट्रैक्शन। कुछ लोग 2-3 महीने डेट करने के बाद ही शादी करने या घरवालों से मिलवाने का प्लान कर लेते हैं। ऐसा बिल्कुल ना करें। कई बार अट्रैक्शन है, ये समझने में महीनों लग जाते हैं।


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