कवर्धा में DMF बैठक: कलेक्टर गोपाल वर्मा ने विकास कार्यों की समीक्षा की

कवर्धा में DMF बैठक: कलेक्टर गोपाल वर्मा ने विकास कार्यों की समीक्षा की

कवर्धा टेकेश्वर दुबे : जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर गोपाल वर्मा की अध्यक्षता में आज जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की बैठक आयोजित की गई। डीएमएफ की बैठक में जिले के विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक कार्य योजना और पंचवर्षीय विजन प्लान 2026-27 से 2030-31 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन, शासी परिषद् के अनुमोदन की प्रत्याशा में स्वीकृत कार्यों का अनुमोदन के संबंध में चर्चा की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्याय नियम 2025 की जानकारी, जिले के प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र का निर्धारण और ऑडिट लेखा परीक्षक द्वारा किए गए ऑडिट कार्य से समितियां को अवगत कराया गया। बैठक में स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही विशिष्ट कार्यों की जानकारी से शासी परिषद् को अवगत कराया गया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री रूपेश जैन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री रूचि शार्दुल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि कबीरधाम जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में डीएमएफ कोष का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि इस कोष से जिले के दूरस्थ और खनिज-प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएमएफ कोष से जिले में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए स्थानीय जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है। कबीरधाम जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए जिला खनिज संस्थान न्यास के तहत प्राप्त निधियों का बेहतर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस निधि का उद्देश्य जिले के विकास और जनकल्याणकारी कार्यों में समर्पित करना है, जिससे जिले के हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच सके।

जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की बैठक में जिले के अलग-अलग क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की मांगों को रखा। बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई, जिसमें पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों के लिए योजनाएं, कौशल विकास एवं रोजगार, सतत आजीविका, स्वच्छता, भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई जैसे विषय शामिल थे। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर बनाने की योजनाओं पर भी चर्चा की गई।








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