घर बैठे उगाएं भिंडी: कम लागत में बालकनी गार्डनिंग से पाएँ ताजा स्वाद

घर बैठे उगाएं भिंडी: कम लागत में बालकनी गार्डनिंग से पाएँ ताजा स्वाद

महंगी सब्जियों की बढ़ती कीमतों के बीच भिंडी जैसी रोजमर्रा की सब्जी भी अब जेब पर भारी पड़ने लगी है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि ताजी, हरी-भरी और केमिकल फ्री भिंडी हमेशा आपके घर में उपलब्ध रहे तो इसे घर की बालकनी या छोटे से गमले में उगाना एक बहुत ही अच्छा और समझदारी भरा विकल्प बन सकता है. आज के समय में लोग शहरी जीवन में कम जगह होने के बावजूद भी अपने छोटे-छोटे बगीचे बनाकर सब्जियां उगाने लगे हैं और भिंडी इसमें सबसे आसान और जल्दी तैयार होने वाली सब्जी मानी जाती है.

ग्रो बैग में उगा सकते हैं भिंडी

 गार्डनर राम सागर ने बताया कि भिंडी उगाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत या बड़े खेत की जरूरत नहीं होती. आप इसे किसी भी मध्यम आकार के गमले या ग्रो बैग में आसानी से लगा सकते हैं. इसके लिए हल्की और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है जिसमें गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाई गई हो. बीजों को सीधे मिट्टी में बो दिया जाता है और बस कुछ ही दिनों में अंकुर निकलने लगते हैं.इस दौरान पौधों को पर्याप्त धूप मिलना बहुत जरूरी होता है क्योंकि भिंडी का पौधा धूप में तेजी से बढ़ता है और अच्छी पैदावार देता है.

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पानी की मात्रा फसल का विकास करती है तय

पानी देने का तरीका भी इसमें बहुत अहम भूमिका निभाता है. ज्यादा पानी देने से पौधे खराब हो सकते हैं इसलिए हल्की नमी बनाए रखना ही सही रहता है. जैसे जैसे पौधा बढ़ता है उसमें छोटे छोटे पीले फूल आने लगते हैं और कुछ ही दिनों बाद उन फूलों से भिंडी तैयार होने लगती है. लगभग 45 से 60 दिनों के भीतर आप पहली ताजी भिंडी तोड़ सकते हैं.

घर में भिंडी उगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह से केमिकल फ्री होती है. बाजार की सब्जियों में अक्सर कीटनाशक और कैमिकल का इस्तेमाल होता है जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है लेकिन अपने हाथों से उगाई गई भिंडी पूरी तरह सुरक्षित होती है. इसके अलावा इससे पैसे की भी अच्छी बचत होती है क्योंकि आपको बार बार सब्जी खरीदने के लिए बाजार नहीं जाना पड़ता.








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