दो भारतीय झंडे लगे जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फायरिंग का सामना करना पड़ा। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना में कोई जख्मी नहीं हुआ, दोनों ही जहाजों को भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। एक डिस्ट्रेस मैसेज भी सामने आया है जिसने गोलीबारी की घटना की असल वजह बता दी है।
एनसीबी न्यूज के मुताबिक भारतीय जहाज पर मौजूद एक क्रू मेंबर ने कहा था- आपने हमें आगे बढ़ने की अनुमति दी थी और अब आप हम पर फायरिंग कर रहे हैं, मुझे पीछे मुड़ने दीजिए। एक वीडियो फुटेज सामने आया है जिससे पता चलता है कि ‘सैनमार हेराल्ड’ जहाज़ ग्रीन एरिया में आगे बढ़ रहा था। फिर अचानक से जहाज ने अपना Automatic Identification System (AIS) बंद कर दिया। जब सिग्नल फिर बहाल हुए तो जहाज पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ चुका था।
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गोली किसने चलाई थी?
जिस क्षेत्र में गोलीबारी की यह घटना हुई है, वो पश्चिम एशिया युद्ध की वजह से काफी संवेदनशील बन चुका है, यहां पर सबसे ज्यादा नौसिक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। अभी तक स्पष्ट नहीं है कि गोली किसने चलाई थी और क्या सीधे जहाजों को निशाने पर लिया गया या नहीं। एक टैंकर कप्तान ने जरूर ऐसा दावा किया है कि फायरिंग की यह घटना ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा की गई थी। वहीं ईरानी मीडिया का कहना है कि गोली सिर्फ इसलिए चलाई गई थी क्योंकि जहाज ने अपना डायरेक्शन बदल लिया था।एनबीसी ने अनुसार भारतीय अधिकारी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें जानबूझकर टारगेट पर नहीं लिया गया था, वहीं जहाज को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश सचिव ने अपने बयान में कहा कि ईरान के राजदूत के साथ हुई बैठक के दौरान विदेश सचिव ने सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले दो जहाजों से जुड़ी गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की। इसके साथ ही भारतीय विदेश सचिव ने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व को रेखांकित किया और याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत जाने वाले कई जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुगम बनाया था।

