रायगढ़ : अक्षय तृतीया के अवसर पर जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर होने वाले विवाहों में यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी बाल विवाह न हो।जिला प्रशासन द्वारा जिले के प्रत्येक ग्राम में मुनादी कराने और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके। प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से “विवाह पंजी” संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें विवाह करने वाले वर-वधु की आयु का स्पष्ट उल्लेख होगा।
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बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष “रेस्क्यू टीम” का गठन किया गया है। यह टीम अक्षय तृतीया के अवसर पर सक्रिय रहेगी और संदिग्ध मामलों की जांच कर त्वरित कार्रवाई करेगी।
जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि समाज की इस कुरीति को रोकने में अपना सहयोग प्रदान करें। यदि कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 एवं पुलिस सहायता 112 नंबरों पर संपर्क करें। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय अथवा किसी भी नजदीकी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी को भी इसकी सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


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