अरुण शर्मा, संवाददाता किरंदूल दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) :देश की प्रमुख खनन कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड के शीर्ष नेतृत्व ने दंतेवाड़ा जिले में ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान जल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर गंभीर चर्चा हुई और उनके समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी अपने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ दंतेवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने परियोजना क्षेत्र के आसपास के गांवों के सरपंचों और प्रतिनिधियों से आमने-सामने बातचीत की। बैठक में गुमीयापाल, समालवार, कालेपाल, चोलनार, कदम्पाल, हिरोली, बेनपाल, कोडेनार, मदकामिरस और कुट्रेम सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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ग्रामीणों ने पेयजल संकट, जर्जर सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, स्ट्रीट लाइटिंग और खेल मैदान जैसी मूलभूत जरूरतों को प्रमुखता से उठाया। पंचायत प्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि इन सुविधाओं के अभाव में दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।इस अवसर पर निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर, किरंदुल कॉम्प्लेक्स के अधिशासी निदेशक श्री रवीन्द्र नारायण तथा बचेली कॉम्प्लेक्स के मुख्य महाप्रबंधक (खनन) के. श्रीधर कोडाली भी मौजूद रहे।सभा को संबोधित करते हुए सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि एनएमडीसी केवल एक खनन कंपनी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार सार्वजनिक उपक्रम है, जो क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमारी ताकत उन समुदायों के विश्वास में है, जिनके बीच हम काम करते हैं। गांवों के विकास के बिना एनएमडीसी की प्रगति अधूरी है। हम सभी गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।”बैठक के बाद ग्रामीणों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। पंचायत प्रतिनिधियों ने खुशी जताते हुए कहा कि पहली बार कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना है, जिससे अब समाधान की उम्मीद जगी है।निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने भी भरोसा दिलाया कि कंपनी स्थानीय समुदायों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी और बैठक में उठाए गए मुद्दों को आगामी विकास योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।उल्लेखनीय है कि एनएमडीसी ने बैलाडीला क्षेत्र में वर्ष 1968 से अपने खनन कार्यों की शुरुआत की थी। तब से लेकर आज तक कंपनी ने बचेली और किरंदुल परिसरों के माध्यम से न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया है, बल्कि क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पेयजल योजनाएं, सड़क निर्माण, खेल मैदान और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे कई कार्यों के जरिए कंपनी ने ग्रामीण जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया है।अब इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जमीनी स्तर पर उठाई गई समस्याओं के समाधान के साथ दंतेवाड़ा के गांवों में विकास की रफ्तार और तेज होगी।


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