किसी भी देवी देवता की पूजा भोग लगाए बिना पूरी नहीं होती। भोग लगाने के बाद उस भोग को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है, जो ईश्वर का आशीर्वाद समझा जाता है। ऐसे में इसे बनाने से लेकर ग्रहण करने तक के कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका ध्यान रखने पर आपको पूजा का पूर्ण फल मिलता है। चलिए जानते हैं इन नियमों के बारे में।
प्रसाद बनाते समय न करें ये गलती
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भोग लगाने के नियम
प्रसाद ग्रहण करने के नियम
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
प्रसाद को कभी भी इधर-उधर गिराने की गलती न करें। प्रसाद का एक भी दाना अगर जमीन या कूड़ेदान में गिरता है, तो यह अपमान माना जाता है। प्रसाद को ज्यादा देर रखने से इसका प्रभाव समाप्त हो जाता है, ऐसे में इसे घर ले जाकर रखने के बजाय तुरंत बांटना या खाना बेहतर होता है। प्रसाद लेते समय सीधे खड़े होकर या बैठकर सम्मानपूर्वक लेना चाहिए और प्रणाम करना चाहिए, इसके बाद ही प्रसाद ग्रहण करें।


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