GeM टेंडर पर उठे बड़े सवाल: फर्नीचर खरीदी में अनियमितताओं का आरोप, मुख्य सचिव से शिकायत

GeM टेंडर पर उठे बड़े सवाल: फर्नीचर खरीदी में अनियमितताओं का आरोप, मुख्य सचिव से शिकायत

रायपुर: फर्नीचर खरीदी से जुड़े GeM टेंडर को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को शिकायत भेजकर हस्तक्षेप की मांग की गई है।शिकायत में कहा गया है कि GeM पर जारी Bid No. GEM/2026/B/7403883 में प्रक्रियात्मक, तकनीकी और नीतिगत स्तर पर कई खामियां हैं।

पत्र के अनुसार टेंडर की पात्रता शर्तें अत्यधिक प्रतिबंधात्मक हैं, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो रही है। वित्तीय पात्रता के तहत 4 करोड़ 50 लाख रुपये के औसत वार्षिक टर्नओवर की शर्त रखी गई है, लेकिन अन्य शर्तें इतनी कड़ी हैं कि अधिकांश संभावित बोलीदाता इससे बाहर हो सकते हैं। इसके अलावा बोलीदाताओं के लिए 19,000 फर्नीचर आइटम की आपूर्ति का पूर्व अनुभव अनिवार्य किया गया है, जबकि वास्तविक आवश्यकता केवल 5,540 यूनिट्स की है। साथ ही अनुभव को विशेष रूप से कॉम्पोजिट ऑफिस टेबल तक सीमित करने को भी अव्यावहारिक बताया गया है।

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शिकायत में यह भी कहा गया है कि टेंडर दस्तावेज़ में स्पष्ट तकनीकी मानक, ड्रॉइंग या गुणवत्ता संबंधी विवरण नहीं दिए गए हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं बीआईएस द्वारा मार्च 2026 में जारी नवीनतम मानकों की अनदेखी कर पुराने मानकों के उपयोग का आरोप भी लगाया गया है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSE) और स्टार्टअप्स को दी जाने वाली छूट न देने को भी सार्वजनिक खरीद नीति का उल्लंघन बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि इन अनियमितताओं के चलते टेंडर कानूनी विवाद, ऑडिट जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

शिकायतकर्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने मुख्य सचिव से मांग की है कि टेंडर को तत्काल प्रभाव से रोका जाए या निरस्त कर संशोधित शर्तों के साथ पुनः जारी किया जाए, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जा सके।

इस संबंध में फिलहाल शासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।








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