एमसीबी : जिले के विकासखंड खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत मुकुंदरपुर में “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह की कुप्रथा पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसे समाज के लिए घातक बताते हुए जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि बाल विवाह न केवल एक गंभीर सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। बाल विवाह के कारण बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1098 के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल संरक्षण से जुड़े किसी भी प्रकार के मामले या आपात स्थिति में इस नंबर पर तत्काल संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने आसपास बाल विवाह जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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इस अवसर पर ग्रामीणों को बाल विवाह न करने एवं समाज से इस कुरीति को समाप्त करने के लिए सामूहिक शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने कहा कि जनभागीदारी के बिना इस अभियान को सफल बनाना संभव नहीं है, इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इस सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज उठाए। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सचिव, सेक्टर सुपरवाइजर, महिला संरक्षण अधिकारी, सखी वन स्टॉप सेंटर के केंद्र प्रशासक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सदस्य, कोटवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन तथा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर बाल विवाह उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।यह जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


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