रायगढ़, 30 अप्रैल 2026 : रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत गौवंश तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में भूपदेवपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गौवंश तस्करी की एक कोशिश को विफल कर दिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान तस्कर स्कार्पियो वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक 28-29 अप्रैल की दरम्यानी रात रात्रि गश्त के दौरान भूपदेवपुर पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम कछार क्षेत्र में एक लाल रंग की स्कार्पियो वाहन में गौवंश को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की गई।

पुलिस और डॉयल-112 की टीम को देखकर तस्कर वाहन लेकर भागने लगे, लेकिन खेत की मेड़ में वाहन फंस गया। इसके बाद आरोपी स्कार्पियो छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें दो गौवंश बिना चारा-पानी के अमानवीय स्थिति में पाए गए। दोनों के पैर बंधे हुए थे। पुलिस ने तत्काल उन्हें सुरक्षित मुक्त कराया।
मौके से पुलिस ने एक रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया है। वहीं स्कार्पियो वाहन पर मोटरसाइकिल का फर्जी नंबर प्लेट लगाए जाने का खुलासा भी प्रारंभिक जांच में हुआ है। पुलिस अब वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।
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इस मामले में थाना भूपदेवपुर में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 4, 6 और 11 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मुक्त कराए गए गौवंशों का पशु चिकित्सकों से परीक्षण कराया गया और उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था की गई।
पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग, एएसआई राजेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक जगदीश नायक और डॉयल-112 स्टाफ की अहम भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस की गौवंश तस्करी के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति है। लगातार कार्रवाई कर तस्करों के नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है और आगे भी इसी तरह सख्ती जारी रहेगी।


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