चिरमिरी में गूंजेगी श्रीराम कथा की ध्वनि: 17 मई से पूज्य स्वामी रामभद्राचार्य का दिव्य प्रवचन

चिरमिरी में गूंजेगी श्रीराम कथा की ध्वनि: 17 मई से पूज्य स्वामी रामभद्राचार्य का दिव्य प्रवचन

एमसीबी/चिरमिरी : एमसीबी जिले के चिरमिरी में आगामी 17 मई से पूज्य स्वामी रामभद्राचार्य जी की भव्य श्रीराम कथा का आयोजन होने जा रहा है। इस दिव्य धार्मिक आयोजन को लेकर कृतिका कुंज, हल्दीबाड़ी (चिरमिरी) में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। बैठक में कथा आयोजन की व्यापक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और मीडिया कवरेज सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

आयोजन की भव्यता को और बढ़ाने के लिए 17 मई को विशाल कलश यात्रा भी निकाली जाएगी। आयोजन समिति के अनुसार इस यात्रा में लगभग 51 हजार महिलाएं भाग लेंगी, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से यह चर्चा की गई कि यात्रा में शामिल महिलाओं के पैरों को धूप की जलन से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। इसके साथ ही यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने हेतु विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां तय की गईं।

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बैठक में स्वामी रामभद्राचार्य जी के आगमन, प्रवास एवं कथा स्थल की व्यवस्थाओं पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। आयोजन को सफल बनाने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें अलग-अलग कार्यों की जिम्मेदारी विभिन्न सदस्यों को सौंपी गई है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में 200 से ज्यादा लोग उपस्थित रहे। इस समीक्षा बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले संरक्षक के रूप में शामिल हुई वही नगर के महापौर राम नरेश राय भी मौजूद रहे। श्री जायसवाल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आम जनता की आस्था, श्रद्धा और सहभागिता से जुड़ा एक धार्मिक आयोजन है।उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा का यह आयोजन केवल चिरमिरी या एमसीबी जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे संभाग और प्रदेश स्तर पर इसकी विशेष पहचान बनेगी। उन्होंने आयोजन समिति से आग्रह किया कि वे इसे ऐतिहासिक और अनुकरणीय बनाने में कोई कमी न छोड़ें।

आयोजन समिति ने भी इस अवसर पर भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक आयोजन का संकल्प लेते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर श्रीराम कथा का रसपान करने की अपील की है।








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