गर्मी के सीजन में खेती करना किसानों को थोड़ा मुश्किल होता है. ऐसे में सब्जी की खेती करने वाले किसान गर्मी में अक्सर परेशान नजर आते हैं. दरअसल, गर्मी के सीजन में खेत में नमी नहीं होना और उर्वरक का भरपूर उपयोग करने से किसान भाइयों की फसल पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है. वहीं, जानकारी देते हुए पूर्णिया के भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय के कृषि एक्सपर्ट डॉ विकास कुमार कहते हैं कि गर्मी के सीजन में सब्जी की खेती करना किसानों के लिए काफी चुनौती पूर्ण होता है. उन्होंने कहा कि गर्मी सीजन में किसानों को ऐसा लगता है कि ज्यादा खाद पानी देने से उत्पादन बढ़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं होता है.
उन्होंने कहा कि ऐसे में किसानों को अपने खेतों में सिर्फ नमी को बनाये रखना चुनौती होता है. इसके बाद भी अत्यधिक पानी भी फसल के लिए नुकसानदायक रहती है. गर्मी के सीजन में अचानक कई बार बारिश होने के कारण फल और फूल झड़ने लगते हैं. ऐसे में किसानों को काफी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है.
इन दो बातों का किसान रखें ध्यान
किसान भाई इस बात का ध्यान रखें कि इसके दो प्रमुख कारण हैं पहला है कि अत्यधिक गर्मी के कारण पौधे को समुचित पोषक तत्व नहीं मिल पाता है, जिस कारण फल फूल झड़ने लगते हैं. दूसरा कारण मिट्टी में पानी के कमी के कारण भी फल फूल झड़ने लगते हैं. इससे बचाव के लिए सबसे पहले उपाय मिट्टी में नमी को बरकरार बनाये रखना है. वहीं, सबसे प्रमुख पोषक तत्व का प्रयोग अवश्य अपने खेतों में करें. हालांकि उन्होंने कहा इसके लिए आप अपने खेत में बोरोन का इस्तेमाल जरूर करें.
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ऐसा करने से फल और फूल झड़ने की समस्या बंद हो जाती है. इसके अलावा जिसको ग्रोथ रेगुलेटर कहते हैं. यह एक ऐसे तत्व होते हैं. जो हमारे पौधे में फूल और फल झड़ने की समस्या को रोकता है. खासकर ऐसी स्थिति में जब तापमान और वातावरण पौधे के अनुकूलता से अधिक होता है. ऐसी स्थिति में ग्रोथ रेगुलेटर का उपयोग करें. यह बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाएगा. वहीं, इसका लगभग 2-3 ml प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. पहला और दूसरा छिड़काव 15 दिन के अंतराल पर करें. छिड़काव करने से फल और फूल झड़ने की समस्या खत्म हो जाएगी.
मिट्टी में नमी की कमी का पूरा रखें ध्यान
उन्होंने कहा कि उर्वरकों का प्रयोग कई किसान गर्मी के सीजन में भरपूर करते हैं, लेकिन अधिक उर्वरक का उपयोग करने से नुकसान भी पहुंचता है और गर्मी के सीजन में अधिक उर्वरक का इस्तेमाल करने से पौधों को नुकसान पहुंचता है और अत्यधिक गर्मी के कारण पौधों को सही पोषक तत्व नहीं मिलता है और पौधे का भी नाश हो जाता है, जिससे किसान हताश हो जाते हैं.
रसायन उर्वरक के स्प्लिट डोज से बढ़ेगा उत्पादन
उन्होंने कहा गर्मी के सीजन में प्राकृतिक रूप से नमी की कमी होने के कारण उर्वरक सही मात्रा में प्रयोग करें. किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है कि वे गर्मी के सीजन में जब भी खेती करें तो ज्यादा से ज्यादा जैविक पोषक तत्वों का उपयोग करें. अगर रसायन उर्वरक का प्रयोग करते हैं तो उसे करीब 3-4 बार बराबर भागों में बांटे. वहीं, सिंचाई के समय अपने खेतों में डालें. उन्होंने कहा कि उर्वरकों का स्प्लिट डोज यानी छोटी-छोटी मात्रा में खेतों में बराबर करते रहें. इससे अत्यधिक उपज एवं बंपर उत्पादन होता है.


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