अपरा एकादशी पर करें तुलसी पूजा या नहीं? जानें सही नियम और मान्यता

अपरा एकादशी पर करें तुलसी पूजा या नहीं? जानें सही नियम और मान्यता

भगवान विष्णु की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक उसमें तुलसी दल शामिल न हो। लेकिन वहीं एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित करने या तुलसी को छूने की मनाही होती है।ऐसे में मन में यह सवाल उठता है, कि क्या एकादशी के दिन तुलसी माता की पूजा करनी चाहिए या नहीं। शास्त्रों के मुताबिक अगर आप एकादशी के दिन विशेष विधि-विधान से तुलसी पूजन करते हैं, तो इससे आपको प्रभु श्रीहरि के साथ-साथ माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिलता है।

तुलसी पूजन की सही विधि

  • एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि करें और साफ-सुथरे संभव हो तो पीले रंग के कपड़े पहनें।
  • पूजा स्थल को साफ कर वहां गंगाजल का छिड़काव करें।
  • सबसे पहले भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें। उनके भोग में तुलसी दल (पत्ता) अनिवार्य रूप से रखें।
  • तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाएं।
  • मां तुलसी की 5, 7 या 11 बार परिक्रमा करें।
  • पूरी श्रद्धा के साथ तुलसी मंत्रों का जप करें और अंत में आरती उतारें।

 ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है

तुलसी कृपा के लिए प्रभावशाली मंत्र

पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप आपके फल को कई गुना बढ़ा सकता है -

 स्तुति मंत्र: - महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।

2. तुलसी गायत्री: - ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ।।

3. तुलसी नामाष्टक मंत्र -

वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी। पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम। य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।

विष्णु कृपा पाने के विशेष उपाय

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु बिना तुलसी के भोग स्वीकार नहीं करते। इसलिए एकादशी पर उन्हें जो भी अर्पित करें, उसमें तुलसी का पत्ता जरूर रखें। इसके साथ ही एकादशी पर सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास घी का दीपक जलाकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और श्री हरि प्रसन्न होते हैं।

तुलसी पूजा में न करें ये गलतियां

  • माना जाता है कि एकादशी पर माता तुलसी स्वयं भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसलिए इस दिन तुलसी में जल चढ़ाने से उनका व्रत खंडित हो सकता है। इसलिए भूलकर भी एकादशी के दिन तुलसी में जल चढ़ाने की गलती न करें।
  • एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है। ऐसे में पूजा के लिए पत्ते एक दिन पहले (दशमी को) ही तोड़कर रख लें।
  • पूजा के समय काले रंग के कपड़े न पहनें। इस दिन पीले या सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है।
  • तुलसी के आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और इसके आस-पास जूते-चप्पल या कूड़ेदान आदि न रखें।
  • तुलसी को कभी भी गंदे या फिर जूठे हाथों से न छूएं।








You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments